UP: पानी चोरी पर खानी पड़ सकती है तीन माह जेल की हवा
पानी चोरी को भी मिट्टी चोरी की तरह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में लाया जा रहा है। अवैध कनेक्शन जोड़कर पानी चोरी करने वालों को तीन महीने की जेल की हवा खानी पड़ सकती है। जुर्माना भी ठोंका जा सकता है।
पानी बर्बाद करने पर जुर्माना लगाने और तय मात्रा से अधिक खर्च करने वालों पर लगाम कसने के लिए मल्टीस्टोरी और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में मीटर भी लगाए जाएंगे।
जलकल विभाग की ओर से जल संरक्षण और सबमर्सिबल लगाकर पानी बेचने वालों पर शिकंजा कसने को लेकर तैयार की गई नियमावली में ये प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। विभाग ने प्रस्ताव महापौर को सौंप दिया है। उनकी मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
जलकल बोर्ड की बीते 23 मार्च को हुई बैठक में सबमर्सिबल लगाकर पानी बेचने वालों व भूजल दुरुपयोग पर शिकंजा कसने के लिए नियमावली बनाने का फैसला हुआ था। इसके लिए जीएम जलकल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई।
ड्राफ्ट में रखा गया एफआईआर कराने का प्रस्ताव
कमेटी ने नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर महापौर को सौंप दिया है। इस पर पर बैठक भी हो चुकी है। ड्राफ्ट में प्रस्ताव रखा गया है कि पानी चोरी को भी संज्ञेय अपराध की श्रेणी में लाया जाए और चोरी करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
चूंकि प्रदेश के किसी शहर में अभी इस तरह कोई नियम लागू नहीं है इसलिए तय हुआ कि दूसरे प्रदेश के जिन शहरों में इस तरह की नियमावली है, उसे भी देखा जाए।
इस पर महापौर की ओर से गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और बड़ोदरा नगर निगम की नियमावली का भी अध्ययन करने का प्रस्ताव रखा गया। वहां पर पानी की चोरी और बर्बादी करने वालों पर कार्रवाई को लेकर नियमावली लागू है।
इस नियम के तहत होगी कार्रवाई
पानी चोरी करने वालों पर यूपी म्यूनिसिपैलिटीज एक्ट-1959 की धारा-270 की उपधारा (30) व आईपीसी की धारा-277 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस धारा में जल, जल स्रोतों के विभिन्न प्रकार के दुरुपयोग, बर्बादी पर तीन माह की सजा और 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यह भी है प्रस्ताव
-जो सबमर्सिबल व ट्यूबवेल लगाकर टैंकरों से पानी बेच रहे हैं उनको टैक्स के दायरे में लाया जाए।
-जो निजी सबमर्सिबल लगाए हैं वे लोग पानी की बर्बादी न करें। उनके लिए पानी उपयोग की सीमा तय करने को मीटर लगाए जाएं।
-मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाने वालों से पहले यह जानकारी ली जाए कि वह कितने फ्लैट बनाएंगे और वहां पर कितने पानी की खपत होगी।
-व्यावसायिक उपयोग के लिए सबमर्सिबल लगाने वालों के लिए जलकल विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य किया जाए।
-गाड़ी धुलने और सड़क धुलने में पानी बर्बाद करने वालों पर जुर्माना लगाया जाए।
इस पर महाप्रबंधक जलकल राजीव वाजपेई का कहना है कि जब मिट्टी चोरी पर एफआईआर दर्ज होती है तो पानी चोरी पर भी एफआईआर दर्ज हो। इसके लिए नियमावली में प्रावधान किया जाने का प्रस्ताव दिया गया है। अभी पानी चोरी या उसके दुरुपयोग पर कानूनी कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है। इससे लोगों में डर ही नहीं है। नियमावली का ड्राफ्ट महापौर को सौंप दिया गया है, उनकी मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।