रेलवे के इंजीनियर व क्लर्क को 5-5 साल कैद
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पूर्वोत्तर रेलवे गोंडा के स्टोर से वर्ष 2002 में 900 बोरी सीमेंट का गबन करने वाले तत्कालीन सीनियर सेक्शन इंजीनियर त्रिलोकी नाथ कपूर और क्लर्क अनिल कुमार श्रीवास्तव को सीबीआई की विशेष अदालत ने 5-5 साल कैद की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश वीके श्रीवास्तव ने दोनों पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है। दोनों ने साठगांठ कर उस कार्य के लिए सीमेंट जारी कर गोलमाल किया जो दो साल पहले ही पूरा हो चुका था।
सीबीआई की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 1 मई 2003 को पूर्वोत्तर रेलवे के सतर्कता विभाग तथा सीबीआई की संयुक्त टीम ने गोंडा के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य एवं निर्माण) कार्यालय की आकस्मिक जांच की। कुछ दस्तावेज कब्जे में लेकर छानबीन की की गई।
सीबीआई के आरएसओ अजीत कुमार श्रीवास्तव ने दस्तावेजों की स्क्रूटनी में पाया कि 1111 बोरी सीमेंट व लोहे की छड़ रिकॉर्ड के अनुसार कम हैं।
इस तरह किया गबन
इस पर अजीत ने 9 मई 2003 को तत्कालीन सीनियर सेक्शन इंजीनियर त्रिलोकी नाथ कपूर तथा क्लर्क अनिल कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ सीबीआई को शिकायती पत्र दिया।
सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना के दौरान पाया कि सेक्शन इंजीनियर और क्लर्क ने वर्ष 2002 में साठगांठ करके 900 बोरी सीमेंट गोंडा कार्यालय से निकाल कर गबन कर लिया।
कागजातों में सीमेंट को उस ठेकेदार को देना दिखाया जिसका कार्य वर्ष 2000 में ही समाप्त हो चुका था। कोर्ट में कहा गया कि दोनों ने 900 बोरी सीमेंट 130 रु. की दर से कुल 1,17000 रुपये का गबन किया है।