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यूपी: माध्यमिक स्कूलों से हटाए जाएंगे ‘पीटीए’ शिक्षक, 'जल्द पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया'

Sat, 27 Jul 2019 05:04 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: देव कश्यप Updated Sat, 27 Jul 2019 05:04 AM IST
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PTA teachers will be terminated from secondary schools in UP
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पैरेंट्स-टीचर्स एसोसिएशन की ओर से रखे गए सभी शिक्षक हटाए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने विधान परिषद में कहा कि जल्द ही खाली पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, शिक्षक दल के एक सवाल के जवाब में सरकार को सदन में माध्यमिक शिक्षा की भयावह स्थिति भी रखनी पड़ी। बताया गया कि बुलंदशहर जिले में ही शिक्षकों के आधे से ज्यादा पद खाली हैं। कई स्कूल ऐसे हैं जिनमें एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है। इस पर शिक्षक दल के सदस्यों ने कहा कि यह स्थिति सिर्फ एक जिले में नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में ही है।

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एक सवाल के जवाब में डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि बुलंदशहर में एलटी ग्रेड शिक्षकों के कुल 2363 पद हैं, जिनमें से 1092 शिक्षक ही वर्तमान में कार्यरत हैं। प्रवक्ता के कुल 690 पद हैं, पर इनकी संख्या 423 है। सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि बुलंदशहर में चार विद्यालयों डीएसजेके उत्तर माध्यमिक विद्यालय मुस्तफाबाद डडुआ, जनता उत्तर माध्यमिक विद्यालय धरपा अच्छेजा, महादेवी अयोध्यानाथ कन्या इंटर कॉलेज खुर्जा और खादाना उत्तर माध्यमिक विद्यालय खादाना में कुल सृजित पदों के सापेक्ष शिक्षकों की संख्या शून्य है। इसी तरह से श्री प्रचार विद्यापीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, समथर, इटावा में सृजित पदों के सापेक्ष शिक्षकों की संख्या शून्य है।
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डॉ. शर्मा ने कहा कि स्थायी शिक्षक न होने का मतलब यह नहीं है कि विद्यालयों में पढ़ाई नहीं हो रही है। पीटीए के तहत रखे गए शिक्षक वहां बच्चों को पाठ्यक्रम पूरा करा रहे हैं। इस पर शिक्षक दल के सदस्यों ने कहा कि सरकार मुफ्त शिक्षा की बात कर रही है, परन्तु, पीटीए के नाम पर अभिभावकों से भारी वसूली हो रही है। पीटीए के तहत शिक्षकों की नियुक्ति पूरी तरह से अवैध है। एमएलसी उमेश द्विवेदी ने पीटीए के तहत रखे गए शिक्षकों को ही विनियमित करने की मांग की। इस पर नेता सदन ने कहा कि पीटीए शिक्षकों को रखे जाने के लिए कहीं से भी उनकी सरकार जिम्मेदार नहीं है। ये 20-25 वर्षों से चल रहा है। पीटीए शिक्षकों की व्यवस्था खत्म करने के लिए वे भी सहमत हैं। सभी रिक्त पदों पर 3-4 महीनों के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पीटीए शिक्षकों को विनियमित करने की कोई योजना नहीं है।

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