होमगार्डों और पुलिस में जमकर चले लाठी-डंडे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाठीचार्ज से गुस्साए होमगार्डों ने पुलिस व पीएसी पर पथराव किया और वाहनों में तोड़फोड़ व आगजनी की भी कोशिश की।
करीब एक घंटा उपद्रव के बाद हरकत में आई पुलिस-पीएसी ने रबर बुलेट दागकर होमगार्डों को काबू किया।
तीन होमगार्डों के सिर फटे हैं जबकि एक सीओ सहित दो दर्जन से अधिक होमगार्ड, पुलिसकर्मियों और पीएसी जवानों को चोटें आई हैं।
फोटो गैलरी: होमगार्डों का गुस्सा फूटा, पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
एसएसपी जे. रविंदर गौड ने मौका मुआयना किया। उपद्रव करने वाले अज्ञात होमगार्डों के खिलाफ हसनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मांगें पूरी न होने पर होमगार्डों ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया था। रविवार रात से ही विभिन्न जिलों से होमगार्डों के आने सिलसिला शुरू हो गया था।
इन्हें मुख्यमंत्री आवास तक जाने से रोकने के लिए चारबाग से रमाबाई मैदान, झूलेलाल पार्क तक दंगा निरोधक वाहन और फायर ब्रिगेड के साथ ही पुलिस, पीएसी, आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया था। हालांकि, झूलेलाल पार्क में जब होमगार्डों का उपद्रव शुरू हुआ तो सारे इंतजाम धरे रह गए।
दोपहर करीब डेढ़ बजे होमगार्ड सड़क जाम करने के लिए बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकल आए तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया।
इससे आक्रोशित होमगार्डों ने पथराव करते हुए पुलिस-पीएसी के जवानों को खदेड़ दिया। सीओ गाजीपुर और गोमतीनगर की जीप सहित पुलिस के छह वाहनों में तोड़फोड़ की।
उन्होंने इन वाहनों में आग लगाने की भी कोशिश की। डंडे बरसाने पर जब चारबाग डिपो की दो बसों के शीशे नहीं टूटे तो पथराव किया।
इस दौरान बस चालक फैजाबाद निवासी सुनील कुमार सिंह के दाएं हाथ पर कई पत्थर लगे जबकि दूसरे बस चालक राजू वर्मा का बैग व अन्य सामान होमगार्ड उठा ले गए।
होमगार्डों ने राहगीरों की दो कारें व छह बाइकें भी तोड़ डालीं। उपद्रव के चलते परिवर्तन चौक और पुलिस लाइंस के सामने से हनुमान सेतु की तरफ आने वाला ट्रैफिक रोक दिया गया। करीब एक घंटा तक बवाल चला।
सीओ गोमतीनगर विद्यासागर मिश्रा और इंदिरानगर एसओ रमेशचंद यादव को होमगार्डों ने घेरकर पीटा। इस पर फोर्स ने होमगार्डों पर रबर बुलेट दागकर उन्हें तितर-बितर किया।
फोर्स के तेवर देख होमगार्ड मनकामेश्वर रोड होते हुए डालीगंज की तरफ भाग गए। रबर बुलेट से बदायूं के होमगार्ड केहरी सिंह, मिर्जापुर के मंगल और शेषमणि सिंह का सिर फट गया जबकि पथराव में मिर्जापुर के अवधेश दुबे, गाजीपुर के बैजनाथ, प्रतापगढ़ के शीतला प्रसाद दुबे को काफी चोटें आईं।
नेता की गिरफ्तारी पर भड़के होमगार्ड
विभिन्न जिलों से आए हजारों होमगार्ड रमाबाई अंबेडकर मैदान में एकत्र हो रहे थे। इस बीच चौखंभा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीके पाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और तीन हजार से अधिक होमगार्डों को गेट बंद करके अंदर कैद कर दिया।
वहीं होमगार्डों का दूसरा गुट नेता को छुड़ाने की मांग को लेकर हनुमान सेतु मार्ग जाम करने जा रहा था। पुलिस ने उन्हें रोका तो वे भड़क उठे।
दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारी होमगार्ड झूलेलाल पार्क के अंदर हो गए, लेकिन पीएसी जवानों ने वहां भी उनपर लाठियां बरर्साईं।
यही नहीं, पुलिस ने होमगार्डों को डालीगंज पुल तक दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। महिला होमगार्डों पर भी जमकर लाठी भांजी। इनमें से कई महिला होमगार्ड रो-रोकर माफी मांग रही थीं।
मंजर देख सहमे राहगीर
होमगार्डों के उग्र प्रदर्शन से राहगीर सहम गए। पथराव, लाठीचार्ज व गोलीबारी से सड़क पर भगदड़ मच गई और राहगीर पास के घरों में छिप गए। झूलेलाल पार्क से मनकामेश्वर मंदिर मार्ग तक सड़क ईंट-पत्थरों से पट गई थी।
लखनऊ की और खबरों के लिए यहां क्लिक करें