मुख्य सचिव ने दिलाया भरोसा, फिर भी धरने पर डटे होमगार्ड
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उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स अवैतनिक अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेश भर से उमड़े होमगार्डों का प्रदर्शन सोमवार को दिनभर चलता रहा।
मुख्य सचिव ने 12 महीने ड्यूटी/मानदेय का आश्वासन और अन्य मांगों पर कमेटी गठित करने की बात कही। इसके बाद भी होमगार्ड धरने पर डटे रहे। डीआईजी रेंज मौके पर पहुंचे और आसपास के जिलों से पुलिस व पीएसी बुलाई।
पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हजरतगंज चौराहे पर गांधी प्रतिमा व जीपीओ पार्क में प्रदेश भर से होमगार्डों के उमड़ने का सिलसिला रविवार रात से शुरू हुआ। उन्हें रमाबाई मैदान भेजने का प्रयास विफल रहने पर एसएसपी ने सभी थानों की पुलिस के साथ पीएसी बुलाकर घेराबंदी कराई।
मुख्य सचिव ने दिलाया भरोसा, फिर भी अड़े रहे
एएसपी सिटी पूर्वी शिवराम यादव, सीओ हजरतगंज अशोक वर्मा, इंस्पेक्टर विजयमल यादव व एसओ हुसैनगंज शिवशंकर सिंह ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बातचीत की। आला अफसरों ने मुख्य सचिव दीपक सिंघल से संपर्क कर हालात की जानकारी दी।
एसोसिएशन के नेता शिवनाथ मेहता, त्रिलोक नारायण सिंह, कर्मराज द्विवेदी, वासुदेव, अनिल पांडेय व कृष्ण चंद्र को एनेक्सी ले जाकर मुख्य सचिव से वार्ता कराई। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें मांग पत्र सौंपा।
मुख्य सचिव ने 12 महीने ड्यूटी/मानदेय के आश्वासन के साथ कहा कि अन्य मांगों के समाधान के लिए कमेटी गठित होगी। संगीन धाराओं में गिरफ्तार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकुल द्विवेदी की जल्द रिहाई का आश्वासन भी दिया।
प्रतिनिधिमंडल पर भड़के होमगार्ड
मुख्य सचिव से वार्ता कर लौटे नेताओं ने प्रदर्शन कर रहे होमगार्डों को आश्वासन की जानकारी दी तो धरने पर बैठे होमगार्ड भड़क उठे। नियमितीकरण, सेवानिवृत्ति पर एक मुश्त 20 लाख, सेवाकाल में जवान की मौत पर परिवारीजनों को 20 लाख की सहायता आदि की मांग पर कोई आश्वासन न मिलने पर नाराजगी जताई।
हालात बिगड़ते देख रणनीति बनाने लगे अफसर
डीआईजी रेंज आरकेएस राठौर व एसएसपी मंजिल सैनी सुबह से एएसपी सिटी पूर्वी के ऑफिस में बैठकर स्थिति का जायजा लेते रहे। प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्य सचिव का आश्वासन खारिज किए जाने की जानकारी मिलते ही एएसपी सिटी पूर्वी, एएसपी सिटी पश्चिमी सर्वेश मिश्रा, एएसपी क्राइम डॉ संजय कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ मंत्रणा की।
होमगार्ड बोले, पेट पर चलाना डंडा
पुलिस-पीएसी का घेरा कसते देख होमगार्डों ने अफसरों के इरादे भांप लिए। एसोसिएशन के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक धरने पर बैठे रहने के निर्देश दिए। कहा कि प्रदेश में 118117 होमगार्ड हैं और 54 हजार से ड्यूटी ली जाती है।
ऐसी दशा में आधे से अधिक होमगार्ड साल में कई महीने बेरोजगार रहते हैं। एक से डेढ़ हजार रुपये देने पर ड्यूटी मिलती है। अफसरों से कहा कि परिवार पालने के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। लाठीचार्ज करना तो पेट पर डंडे मारना।