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रोजी-रोटी के लिए प्रदर्शन कर रहे कंप्यूटर अनुदेशकों पर पुलिस ने चलाई लाठी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 07 Jun 2017 10:07 PM IST
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प्रदर्शन
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लखनऊ की सड़कों पर नौकर अपनी मांगों को लेकर प्रदेश भर के कंप्यूटर अनुदेशक जुटे। अनुदेशकों ने मांगे मनवाने के लिए सड़कों पर बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी जैसे ही सीएम आवास घेरने चले पुलिस ने रास्ते में उनको घेर लिया और लाठी भी चलाई। इस दौरान चार-पांच लोगों को चोट भी आई। मुख्यमंत्री के सचिव से मुलाकात के बाद ही प्रदर्शनकारी माने। उन्होंने सीएम से अगले हफ्ते मिलवाने की बात कही है।
अनुदेशकों ने जानकारी दी कि प्रदेश में 4000 राजकीय/अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 3 साल से कंप्यूटर शिक्षा बंद है। वहीं 10 से 20 लाख के बने कंप्यूटर लैब धूल खा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि कंप्यूटर शिक्षा देने वाले शिक्षक भी भुखमरी के कगार पर हैं।
अनुदेशकों ने बताया कि बेरोजगार कंप्यूटर अनुदेशकों को निश्चित मानदेय पर सेवा बहाल करने के लिए 2 साल पहले कार्यवाही पूरी कर ली गई थी लेकिन राज्य सरकार ने मानदेय का बजट आवंटित नहीं किया।
उन्होंने मांग की कि 4000 माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशकों की सेवा बहालकर निश्चित मानदेय दिया जाए।
1548 कंप्यूटर शिक्षकों के पद पर पूर्व में कार्य कर चुके अनुदेशकों को समायोजित किया जाए।
कंप्यूटर शिक्षक के सहायक अध्यापक पद के लिए बनी नई नियमावली से बीएड की अर्हता को समाप्त किया जाए।
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प्रदर्शनकारी जैसे ही सीएम आवास घेरने चले पुलिस ने रास्ते में उनको घेर लिया और लाठी भी चलाई। इस दौरान चार-पांच लोगों को चोट भी आई। मुख्यमंत्री के सचिव से मुलाकात के बाद ही प्रदर्शनकारी माने। उन्होंने सीएम से अगले हफ्ते मिलवाने की बात कही है।
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अनुदेशकों ने जानकारी दी कि प्रदेश में 4000 राजकीय/अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 3 साल से कंप्यूटर शिक्षा बंद है। वहीं 10 से 20 लाख के बने कंप्यूटर लैब धूल खा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि कंप्यूटर शिक्षा देने वाले शिक्षक भी भुखमरी के कगार पर हैं।
अनुदेशकों ने बताया कि बेरोजगार कंप्यूटर अनुदेशकों को निश्चित मानदेय पर सेवा बहाल करने के लिए 2 साल पहले कार्यवाही पूरी कर ली गई थी लेकिन राज्य सरकार ने मानदेय का बजट आवंटित नहीं किया।
उन्होंने मांग की कि 4000 माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशकों की सेवा बहालकर निश्चित मानदेय दिया जाए।
1548 कंप्यूटर शिक्षकों के पद पर पूर्व में कार्य कर चुके अनुदेशकों को समायोजित किया जाए।
कंप्यूटर शिक्षक के सहायक अध्यापक पद के लिए बनी नई नियमावली से बीएड की अर्हता को समाप्त किया जाए।