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प्रेरणा एप से शिक्षकों की हाजिरी व स्कूलों की निगरानी का विरोध, व्यवस्था वापस लेने की मांग
Mon, 26 Aug 2019 12:30 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 26 Aug 2019 12:30 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में प्रेरणा एप से शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालयों की मॉनिटरिंग का विरोध शुरू हो गया है। उप्र. प्राथमिक शिक्षक संघ ने इसे गलत बताते हुए सरकार से व्यवस्था वापस लेने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार ने न स्कूलों को प्रेरणा एप संचालित करने के लिए कोई स्मार्ट फोन दिया है न ही इंटरनेट रिचार्ज की व्यवस्था की है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में नेटवर्क भी बाधित रहता। ऐसे में यह व्यवस्था न्याय संगत नहीं है।
राजधानी स्थित सिंचाई भवन में रविवार को संघ की बैठक में यह आदेश वापस लेने और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। संघ ने शिक्षकों को न्यूनतम वेतन 17,140 व 18,150 किए जाने का शासनादेश जल्दी जारी किए जाने की भी मांग उठाई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि जल्दी ही प्रेरणा एप का आदेश वापस नहीं लिया गया तो शिक्षक 4 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार ने न स्कूलों को प्रेरणा एप संचालित करने के लिए कोई स्मार्ट फोन दिया है न ही इंटरनेट रिचार्ज की व्यवस्था की है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में नेटवर्क भी बाधित रहता। ऐसे में यह व्यवस्था न्याय संगत नहीं है।
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राजधानी स्थित सिंचाई भवन में रविवार को संघ की बैठक में यह आदेश वापस लेने और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। संघ ने शिक्षकों को न्यूनतम वेतन 17,140 व 18,150 किए जाने का शासनादेश जल्दी जारी किए जाने की भी मांग उठाई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि जल्दी ही प्रेरणा एप का आदेश वापस नहीं लिया गया तो शिक्षक 4 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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