वाराणसी में साधुओं पर लाठीचार्ज के खिलाफ आक्रोश
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वाराणसी में गंगा में प्रतिमाओं के विर्सजन की मांग करने वाले साधुओं पर पुलिस के लाठीचार्ज के विरोध में मनकामेश्वर मंदिर मठ की महंत देव्या गिरी के नेतृत्व में शुक्रवार को जीपीओ पर धरना प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान महंत ने कहा कि, जितना नदियों में प्रदूषण के खिलाफ साधु संत कोशिश कर रहे हैं, उतना कोई नहीं। मगर जिस तरह से शांतिपूर्ण तरीके से बैठे धर्मावलंबियों को पुलिस ने मारापीटा उससे तो अंग्रेजों के जुल्म की याद आ गई है। इसका विरोध साधु समाज लगातार करेगा।
जब तक दोषी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई नहीं करेगी। पंचदशनाम जूना अखाड़ा से जुड़ीं मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरी के नेतृत्व में ये धरना प्रदर्शन जीपीओ पर सुबह 11 बजे से शुरू हुई।
नहीं बर्दाश्त किया जाएगा पुलिसिया दमनचक्र
काफी संख्या में मंदिर से जुड़े लोग, साधू और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा के नीचे जमा हुए। इस मौके पर सबसे पहले चैतन्य कौशिक महाराज ने कहा कि, संत समाज नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए लगातार जन जागरण कर रहा है।
मगर सरकार की लापरवाही से नदियों में प्रदूषण कम होता नहीं नजर आ रहा है। इसके बावजूद ईको फ्रेंडली प्रतिमाओं को गंगा में विसर्जित करने की मांग को जिस तरह से ठुकरा कर पुलिसिया दमन चक्र चलाया गया, वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
महंत देव्या गिरी ने मांग की हँ कि, वाराणसी में जो घटना हुई है, उसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाये। दोषियों को दंडित किया जाये।
इसके अलावा भविष्य में संतों, महंतों के ऊपर पुलिस बल के अनावश्यक प्रयोग न किये जाने के लिए सरकार प्रभावी निर्देश दे। इसके बाद ही संतों का गुस्सा शांत हो पायेगा।