यूपीः बसपा सरकार के पूर्व मंत्री की 196 करोड़ की संपत्ति जब्त
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एनआरएचएम के घोटालेबाजों पर शिकंजा कसते हुए बुधवार को कुल 196 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर लीं। निदेशालय की टीमों ने लखनऊ और दिल्ली में एक साथ कार्रवाई कर यह संपत्तियां जब्त की हैं।
संपत्तियां घोटाले के मुख्य आरोपी बसपा सरकार में मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा व उनके करीबी कारोबारी सौरभ जैन के नाम दर्ज हैं। एनआरएचएम घोटाले में करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे किए गए।
इस घोटाले में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा व उनके खास लोगों के खिलाफ ईडी ने 14 फरवरी 2012 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट- 2002 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। ईडी ने कई जगह छापे मार कर अहम दस्तावेज भी बरामद किए थे। मामले में अहम साक्ष्य मिलने पर बुधवार को कार्रवाई की गई।
कहां कितनी संपत्ति जब्त
लखनऊ के कसमंडा अपार्टमेंट में एक फ्लैट व तीन फ्लोर (17,500 वर्ग फीट), कालीदास मार्ग पर एक फ्लैट और कबीर मार्ग पर डीजे इंटरटेनमेंट नाम की फर्म का बोर्ड लगे भवन और दिल्ली के करोल बाग में एक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स को जब्त किया गया है।
ईडी का आकलन है कि इन संपत्तियों की कीमत करीब 196 करोड़ रुपये की है। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ में जब्त की गई संपत्ति बाबू सिंह कुशवाहा व उनके करीबी दवा कारोबारी सौरभ जैन व अन्य के नाम से दर्ज है।
घोटाले की रकम दस बड़ी कंपनियों में लगाया
ईडी के अफसरों के अनुसार बाबू सिंह कुशवाहा ने घोटाले की काली कमाई के एक बड़े हिस्से को दस बड़े औद्योगिक घरानों में लगाया हुआ है। जिन औद्योगिक घरानों में पूर्व मंत्री ने रकम का निवेश किया है उनमें लखनऊ में दयाल ग्रुप और कानपुर के एक्सिस ग्रुप का नाम शामिल है।
अफसरों का कहना है कि एनआरएचएम घोटाले से की गई कमाई को आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से विभिन्न जगहों पर निवेश किया हुआ है। पिछले कुछ अरसे के दौरान निवेश की गई संपत्ति की कीमत भी काफी बढ़ चुकी है।
पहले भी सीज की जा चुकी हैं संपत्तियां
लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में कुशवाहा के करीबी रिश्तेदार गया प्रसाद के भवन को सीज किया गया था साथ ही पूर्व मंत्री की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा की संपत्तियों का ब्यौरा हासिल किया था।