चुनाव से पहले कर्मचारियों को लॉलीपॉप
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लोकसभा चुनाव से पहले सुनिश्चित कॅरिअर प्रोन्नयन (एसीपी) की विसंगतियां दूर कर कर्मचारियों को खुश करने की तैयारी है।
वित्त विभाग ने एसीपी की विसंगति को काफी हद तक दूर करने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्य सचिव समिति की सहमति हासिल कर ली है। विभाग अब इसे कैबिनेट से पास कराने की कार्यवाही में जुट गया है।
प्रदेश में कर्मचारियों के लिए 10, 16 व 26 वर्ष की सेवा पर क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय वित्तीय स्तरोन्नयन देने की व्यवस्था लागू है।
हालांकि कर्मचारियों की शिकायत है कि एसीपी की व्यवस्था के लिए 22 दिसंबर 2011 को जारी शासनादेश में विसंगति की वजह से उन्हें इसका सही लाभ नहीं मिल पा रहा है।
द्वितीय व तृतीय एसीपी में विसंगति के कारण किसी कर्मचारी को आठ वर्ष की सेवा पर ही इसका लाभ मिल जा रहा है तो किसी को 20 वर्ष की सेवा पर दूसरी एसीपी मिल रही है। कर्मचारी इस विसंगति को दूर कर दूसरी एसीपी बिना शर्त 16 वर्ष की सेवा पर देने की मांग कर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि शासन ने कर्मचारियों की इस अहम मांग पर विचार-विमर्श कर प्रस्ताव तैयार कर लिया है। मुख्य सचिव समिति ने भी विसंगति दूर करने के वित्त विभाग के फॉर्मूले पर सहमति दे दी है। अब वित्त विभाग इस प्रस्ताव को कैबिनेट से पास करने की कार्यवाही में जुट गया है।
संकेत हैं कि काफी हद तक विसंगति की अहम वजह बन रहे मौजूदा शासनादेश के एक अंश को हटाया जा सकता है। हालांकि इससे कर्मचारी किस हद तक संतुष्ट होंगे, यह देखने वाली बात होगी।