{"_id":"5fc90cef8ebc3e9bd646fad6","slug":"prohibit-dumping-of-garbage-in-ganga-clean-old-waste-rajendra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गंगा में कचरा डंप करने पर रोक लगाएं, पुराने कचरे साफ कराएं : राजेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में कचरा डंप करने पर रोक लगाएं, पुराने कचरे साफ कराएं : राजेंद्र
Thu, 03 Dec 2020 09:36 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 03 Dec 2020 09:36 PM IST
विज्ञापन
मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए गंगा नदी के आसपास के क्षेत्रों में किसी भी तरह का सॉलिड व अन्य वेस्ट की डम्पिंग करने पर रोक लगाने तथा पुराने जमा कचरों को साफ किए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने गंगा नदी सटे चिन्ह्ति 25 जिलों में बायो-डायवर्सिटी पार्क की स्थापना का कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा कराने का निर्देश दिया है।
मुख्य सचिव ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन के लिए शासन स्तर से निर्गत निर्देशों पर अमल की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने एनजीटी द्वारा पारित आदेशों के क्रम में जारी निर्देशों का अनुपालन तेजी से करने को कहा है। उन्होंने निर्देशित किया कि आदेशों का समय से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित वरिष्ठ अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। तिवारी ने बकाया कार्यों को समय से पूर्ण कराने के लिए समय-सारिणी बनाकर नियमित अनुश्रवण करने और लम्बित प्रस्तावों पर एनएमसीजी के अधिकारियों से समन्वय कर जल्द से जल्द अनुमोदन प्राप्त करने का निर्देश दिया है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन सुधीर गर्ग, सचिव नगर विकास अनुराग यादव आदि उपस्थित थे। बैठक का संचालन व प्रस्तुतीकरण यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आशीष तिवारी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन के लिए शासन स्तर से निर्गत निर्देशों पर अमल की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने एनजीटी द्वारा पारित आदेशों के क्रम में जारी निर्देशों का अनुपालन तेजी से करने को कहा है। उन्होंने निर्देशित किया कि आदेशों का समय से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित वरिष्ठ अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। तिवारी ने बकाया कार्यों को समय से पूर्ण कराने के लिए समय-सारिणी बनाकर नियमित अनुश्रवण करने और लम्बित प्रस्तावों पर एनएमसीजी के अधिकारियों से समन्वय कर जल्द से जल्द अनुमोदन प्राप्त करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन सुधीर गर्ग, सचिव नगर विकास अनुराग यादव आदि उपस्थित थे। बैठक का संचालन व प्रस्तुतीकरण यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आशीष तिवारी ने किया।
विज्ञापन
औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं पर हो पुख्ता कार्रवाई
मुख्य सचिव ने रिहायशी और कृषि भूमि पर बनी औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के सम्बन्ध में जल्द से जल्द पुख्ता कार्यवाही करने और रामसार की अन्तर्राष्ट्रीय महत्व के 7 वेटलेण्ड को संरक्षित करने की कार्यवाही तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने ध्वनि व वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए अतिरिक्त कदम उठाने को लेकर कई अन्य निर्देश भी दिए।
ये काम पूरे
- एनजीटी के आदेश के क्रम में जल निगम द्वारा पाइप पेयजल परियोजना के अन्तर्गत हिंडन नदी के दोआबा क्षेत्र में भू-जल प्रभावित 148 ग्रामों में से 103 ग्रामों में स्वच्छ जल आपूर्ति कराने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बाकी 45 ग्रामों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का कार्य 31 दिसम्बर, 2020 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय।
- मुजफ्फरनगर में 22 एमएलडी एवं बुढ़ाना में 10 एमएलडी एसटीपी की निविदा प्रक्रिया पूर्ण। मुजफ्फरनगर में 22 एमएलडी एसटीपी पर बाउण्ड्री वाल का कार्य शुरू।
- सहारनपुर में 93.6 एमएलडी एसटीपी की डीपीआर नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी), नई दिल्ली को अनुमोदन व धनराशि अवमुक्त करने के लिए भेजी गई।
- यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दोषी उद्योगों पर 9.40 करोड़ रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति दंड लगाया गया। इसमें 3.75 करोड़ रुपये वसूली हुई।
ये काम पूरे
- एनजीटी के आदेश के क्रम में जल निगम द्वारा पाइप पेयजल परियोजना के अन्तर्गत हिंडन नदी के दोआबा क्षेत्र में भू-जल प्रभावित 148 ग्रामों में से 103 ग्रामों में स्वच्छ जल आपूर्ति कराने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बाकी 45 ग्रामों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का कार्य 31 दिसम्बर, 2020 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय।
- मुजफ्फरनगर में 22 एमएलडी एवं बुढ़ाना में 10 एमएलडी एसटीपी की निविदा प्रक्रिया पूर्ण। मुजफ्फरनगर में 22 एमएलडी एसटीपी पर बाउण्ड्री वाल का कार्य शुरू।
- सहारनपुर में 93.6 एमएलडी एसटीपी की डीपीआर नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी), नई दिल्ली को अनुमोदन व धनराशि अवमुक्त करने के लिए भेजी गई।
- यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दोषी उद्योगों पर 9.40 करोड़ रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति दंड लगाया गया। इसमें 3.75 करोड़ रुपये वसूली हुई।