कैमरे की नजर से दिखाई शहर की खूबसूरती
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कैमरा वही, लेकिन उसके नजारे एक से बढ़कर एक। प्रशासनिक अधिकारी हों, गैर
‘विश्व फोटोग्राफी दिवस’ पर कैमरे के कारनामों की प्रदर्शनी सजी तो एक से बढ़कर एक 91 उम्दा चित्रों को शौकीन घंटों तक देखते ही रहे। मौका था लखनऊ कैमरा क्लब की ओर से राज्य ललित कला अकादमी लाल बारादरी में शुरू हुई फोटोग्राफी प्रतियोगिता प्रदर्शनी का।
प्रतियोगिता में वन विभाग के पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डॉ. रूपक डे को उनकी कृति ‘क्लीन स्वीप’ के लिए पहला पुरस्कार मिला। उन्होंने गर्मियों की सुबह में इमामबाड़े में ये तस्वीर खींची थी।
प्रदर्शनी में सजी युवा
फोटोग्राफर नितिन अरोड़ा को उनकी फोटो ‘वीट्स एंड वीट्स’ के लिए दूसरा और
जवाहर श्रीवास्तव को ‘पीस ऑफ अवध’ के लिए तीसरा पुरस्कार दिया गया। वरिष्ठ
छायाकार संदीप रस्तोगी, योगेश मोहन सिंह और नीलम सिंह को सांत्वना पुरस्कार
मिला।
समारोह के मुख्य अतिथि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा रहे।
उन्होंने विजेताओं को स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र किए। फोटोग्राफी विधा को
उम्दा पेशों में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी तुलना नहीं की जा
सकती, क्योंकि छायाकार उम्दा क्लिक के लिए हर समय तैयार रहना पड़ता है।
प्रतियोगिता के जज आर्ट्स कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल जयकिशन अग्रवाल,
फोटोग्राफर अनिल रिसाल सिंह रहे। प्रतियोगिता में 61 फोटोग्राफर्स के 241
फोटो आए थे। इनमें से 87 चित्रों को प्रदर्शनी में शामिल किया गया।
क्लब के
अनिल रिसाल सिंह ने बताया कि क्लब के सदस्य और हाल ही में दिवंगत हुए
छायाकार युधिष्ठिर स्वामी को समर्पित प्रदर्शनी दो दिन और चलेगी।