लोकतंत्र में युवा निभाएं जिम्मेदारी
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘यह एक सोच’ फाउंडेशन की ओर से गांधी भवन में
‘कम्यूटिनी- द यूथ कलेक्टिव’ संस्था के तत्वावधान में इस कार्यक्रम में युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान युवाओं से जुड़े मु्द्दों को राजनीतिक दलों की घोषणा पत्र में जगह देने की मांग की गई।
पैनल
डिस्कशन में महिला और आरक्षण विषय पर बोलते हुए दस्तक मंच की वीना राणा,
शकुंतला मिश्रा और विवि में समाज कार्य विभाग के शिक्षक डॉ. रूपेश सिंह ने
कहा कि महिलाओं को जब बराबरी का दर्जा देने की बात कही जाती है तो उनको
पार्लियामेंट में भी 50 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए।
महिलाओं
की सुरक्षा पर सहयोग संस्था के प्रवेश ने कहा कि युवाओं में जोश है तभी वह
किसी महिला के साथ गलत होने पर कैंडिल मार्च और मोर्चा निकालते हैं, लेकिन
जरूरत है युवाओं के सही मार्गदर्शन की।
इसके लिए संगोष्ठियां होनी चाहिए।
सतनकदा की हामिदा ने कहा कि महिलाओं के लिए पब्लिक प्लेस पर पुख्ता सुरक्षा
व्यवस्था जरूरी है।