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कहीं भारी न पड़ जाए, आपके बच्चे पर लत

Mon, 17 Feb 2014 02:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 17 Feb 2014 02:24 PM IST
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program on cleft lip problems in children

नवजात बच्चों के होंठ और तालु कटे होने की अभी तक कोई वजह नहीं पता चल सकी है। हालांकि अभी तक इसके लिए जीन और अनुवांशिक वजहें गिनाई जाती रही हैं।

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लेकिन एक वजह है जिसे जानकर आप खुद हैरान रह जाएंगे। मेडिकल साइंस के एक नए अध्ययन में सामने आया है कि माता-पिता तंबाकू, गुटखा खाने या सिगरेट-शराब पीने के लती हैं तो उनके होने वाले बच्चे के होंठ व तालु कटे हो सकते हैं।

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क्या कहा जानकारों ने

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वाराणसी के जीएस मेमोरियल प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सकों ने रविवार को केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘इंडोक्लेफ्टकॉन 2014’ में यह अध्ययन साझा किया।

इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लेफ्ट लिप, पैलेट एंड क्रेनियोफेशियल एनोम्लाई (आईएससीएलपीसीए) की 13वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन डॉ. पूनम सिन्हा ने बताया कि क्लेफ्ट लिप, एंड पैलेट (सीएलपी) की समस्या के साथ पैदा हुए बच्चों के अभिभावकों पर यह अध्ययन किया गया।

इसमें सामने आया कि ऐसे बच्चों में से 85 प्रतिशत के पिता और 15 प्रतिशत की मांएं तंबाकू-गुटखा खाने या सिगरेट-शराब पीने के आदी हैं।

यह परिणाम इस तथ्य को स्थापित करता है कि इन चीजों का हाई इनटेक बच्चों में सीएलपी की समस्या पैदा कर रहा है।

जागरुकता है जरूरी

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उन्होंने ऐसे अध्ययन को देश भर में कराने और इस संबंध में अधिक से अधिक जागरूकता की जरूरत बताई। उनके साथ इस अध्ययन में डॉ. राजीव रंजन, सुलेखा कुमारी और मुकेश रंजन शामिल रहे।

संगोष्ठी के अंतिम दिन कई चिकित्सकों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने पेपर पढ़े। इनमें डॉ. शहजाना फातिमा, डॉ. डेरिक मेंडोन्का, डॉ. अभिलाषा यादव, डॉ. पुष्पावती, डॉ. पूनम सिन्हा और डॉ. नारायण शामिल रहे।

स्वीडन से आईं डॉ. एग्नेटा मॉरक्यूसन ने ब्रेथवेट ओरेशन दिया। इसमें उन्होंने सीएलपी मरीजों की स्वीडन में होने वाली चिकित्सा पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी बचपन से लेकर युवा होने तक चिकित्सकीय निगरानी की जाती है।

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