16 को प्रतिरोध की रात, शहर याद करेगा बहादुर बिटिया को
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दिल्ली गैंगरेप की शिकार बहादुर बिटिया को 16 दिसंबर को शहरवासी याद
हजरतगंज में रात 8 बजे से होने वाले आयोजन ‘सा-का-हक’ में आधा दर्जन से अधिक महिला संगठनों के साथ लोग जुटेंगे। कविताओं, गीत, मंचन, चित्रकारी समेत कई माध्यमों से महिला हिंसा का विरोध दर्ज कराएंगे।
दस्तक मंच की पहल पर लखनऊ समेत देश के कई शहरों में आयोजन किया जा रहा है, जो आठ मार्च तक चलेगा। इस दिन के लिए विशेष तौर पर तैयार गीत ‘दिन भी हमारा है ,रात हमारी है’ का भी लाइव शो होगा।
दस्तक
मंच की संयोजिका वीणा राणा ने बताया कि पूरे शहर से ही नहीं बल्कि देश भर
से ‘सा-का-हक’ कार्यक्रम को बहुत सहयोग मिल रहा है।
कई संगठनों और महिलाओं
ने खुद फोन करके कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए हजरतगंज पहुंचने की बात
कही है।
इसके अलावा आयोजन में नीपा रंग मंडली, इप्टा, अलग दुनिया, शहीद
मेला आयोजन समिति ,महिला फेडरेशन, बेवजह ग्रुप, महिला पंचायत जैसे कई संगठन
जुटेंगे।
‘सा-का-हक’ कार्यक्रम शहर के कई हॉस्टलों में भी रात को मनाया
जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर शहर के प्रतिष्ठित कवियों की ओर से
महिला हिंसा के विरोध में कविता पाठ किया जाएगा।
वरिष्ठ रंगकर्मियों द्वारा
अभिनय के माध्यम से प्रतिरोध दर्ज होगा। युवा कलाकार पेंटिंग बनाकर विरोध
को स्वरूप देंगे।
दस्तक मंच कि संयोजिका
वीणा राणा ने बताया ‘सा-का-हक’ कार्यक्रमों की पूरी श्रृंखला 8 मार्च तक
चलाई जाएगी।
इसमें हजारों की संख्या में युवाओं से संपर्क किया जाना तय हुआ
है। संयोजिका ने अपील की है कि दस्तक मंच द्वारा तैयार गीत को लोग
यू-ट्यूब समेत अन्य सोशल साइट पर भी जरूर शेयर करें।
विरोध का ड्रेस कोड
संयोजिका
वीणा राणा ने बताया मौके पर सभी महिलाओं से लाल या सफेद कपडे़ पहन कर आने
की अपील कि गई है। जो प्रतिरोध, बहादुरी और शान्ति के प्रतीक हैं।
जबकि
पुरुष साथियों से काले रंग के कपडे़ पहन कर आने की अपील की गई है जो उस
दिन की घटना के प्रति दु:ख प्रकट करता है।