मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसरों पर गिरी सरकार की गाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद में प्राइवेट डॉक्टरों की हड़ताल में शामिल होने पर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिलीप चौरसिया को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है।
उन्हें चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के गेस्ट्रोलॉजी विभाग में संविदा पर तैनात प्रो. मनीषा द्विवेदी को बर्खास्त कर दिया गया है।
साथ ही प्राइवेट डॉक्टरों की हड़ताल के समर्थन में नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करने वाले नौ डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आरपी सिंह ने बुधवार को बताया कि पिछले दिनों इलाहाबाद के प्राइवेट आनंद हॉस्पिटल में इलाज के दौरान वीरेंद्र जायसवाल की मौत हो गई थी। जायसवाल के परिवारीजनों ने हॉस्पिटल के डॉ. रोहित गुप्ता से मारपीट की थी।
मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर हुई थी हड़ताल
इसके विरोध में इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने भी इसका समर्थन करते हुए डॉ. चौरसिया और डॉ. द्विवेदी की अगुवाई में हड़ताल शुरू कर दी थी।
प्रमुख सचिव ने बताया कि इस मामले की जांच इलाहाबाद के मंडलायुक्त की ओर से गठित जांच समिति को सौंपी गई थी। जांच के दौरान डॉ. चौरसिया के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने की पुष्टि भी हुई।
उन्होंने बताया कि इलाहाबाद के डीएम की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों को हड़ताल के लिए उकसाने, सरकारी अस्पताल के ओपीडी का संचालन रोकने, लोगों के आवागमन में व्यवधान उत्पन्न करने तथा सरकारी सेवा नियमावली के उल्लंघन के आरोप में डॉ. चौरसिया व डॉ. मनीषा द्विवेदी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।