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दो साल से लिव इन में रह रहीं एमिटी यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने फांसी लगाकर जान दी

Mon, 29 Jan 2018 02:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 29 Jan 2018 02:59 PM IST
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Professor of amity university commited suicide
घटनास्थल की जांच करती पुलिस और डॉ. गरिमा पाठक (इनसेट)। - फोटो : amar ujala
विभूतिखंड इलाके में रविवार को संदिग्ध हालात में एमिटी यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. गरिमा पाठक (40) ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजवाया है। बकौल पुलिस, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृतका के परिवारीजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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विभूतिखंड एसएसआई विनय कुमार सिंह ने बताया कि मूलरूप से छत्तीसगढ़ के दुर्ग नेवई निवासी महेश अवस्थी की बेटी डॉ. गरिमा पाठक छह महीने से एल्डिको ऐलिगेंस के ए-3 ब्लॉक में फ्लैट नंबर 1102 में किराए से रह रही थीं। वह एमिटी यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर के पद पर तैनात थीं।
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दो वर्षों से लिव इन रिलेशनशिप में फैजाबाद के अमानीगंज कस्बा निवासी अखिलेश तिवारी के साथ रह रहीं थीं। 25 जनवरी को काम के सिलसिले में अखिलेश अपने घर अमानीगंज गए हुए थे। इस दौरान गरिमा घर पर अकेली थीं। रविवार सुबह करीब 10 बजे अखिलेश लौटे तो दरवाजा भीतर से बंद था।
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डोरबेल बजाने व आवाज लगाने के बावजूद जवाब नहीं मिला तो पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुई। डॉ. गरिमा डाइनिंग हॉल में लगे पंखे में साड़ी के सहारे लटकी हुई थीं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजवाकर परिवारीजनों को सूचना दी।

 

भोपाल में हुई थी अखिलेश से मुलाकात

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पुलिस के मुताबिक, डॉ. गरिमा ने 2013 में नेट क्वालीफाई करने के बाद 2016 में भोपाल यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर जॉइन किया था, जहां उनकी मुलाकात अखिलेश तिवारी से हुई थी। अखिलेश वहां एसोसिएट प्रोफेसर थे। धीरे-धीरे दोनों एक दूसरे के करीब आए और साथ रहने लगे। जुलाई 2017 में उन्होंने लखनऊ एमिटी यूनिवर्सिटी जॉइन किया। इसके बाद अगस्त में एल्डिको एलिगेंस में किराए के मकान में रहने लगे। बकौल अखिलेश, वह इस समय इंदौर यूनिवर्सिटी से पीएचडी की तैयारी कर रहे हैं।

10 जनवरी को हुआ था तलाक
बकौल पुलिस, डॉ. गरिमा की शादी 2011 में हुई थी। कुछ माह बाद ही घरेलू कलह के चलते वह अलग हो गईं और फैमिली कोर्ट में तलाक का मुकदमा दर्ज कर दिया। इसकी फाइनल रिपोर्ट दस जनवरी 2018 को आई थी। बकौल अखिलेश, इस बीच वह काफी डिप्रेशन में रहती थीं। घर जाने के बाद जब 26 जनवरी को गरिमा के नंबर पर कॉल की तो कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला था।

अखिलेश से शुक्रवार को आने की जिद कर रही थीं गरिमा

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थाना प्रभारी सत्येंद्र राय ने बताया कि अखिलेश ने गरिमा से किसी भी विवाद से इन्कार किया है। अखिलेश ने बताया कि गरिमा ने शुक्रवार को उसे फोन किया था। वह उससे शुक्रवार को ही आने की जिद कर रही थीं पर घर पर काम होने के कारण वह नहीं आ सका। रविवार सुबह जब पहुंचा तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था।

बकौल पुलिस, 26 जनवरी की रात से गरिमा ने कोई फोन नहीं रिसीव किया था। उसके मोबाइल में तीन कॉल परिवारीजनों की और कुछ अखिलेश की व कई अन्य की मिस्ड काल पड़ी थीं। आशंका है कि शुक्रवार को ही देर रात गरिमा ने फांसी लगा ली। बकौल पुलिस, मृतका के मोबाइल को कब्जे में लेकर कॉल डिटेल के आधार मामले की जांच की जा रही है। परिवारीजनों के आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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