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एसजीपीजीआई में प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द
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Profeser recrutement process canceled in SGPGI
लखनऊ। एसजीपीजीआई में प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। जल्द नए सिरे से यह शुरू होगी। नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर की अनदेखी करने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामले को लेकर संस्थान में खेमे बन गए थे। कुछ प्रोफेसर कोर्ट जाने की तैयारी में थे।
एसजीपीजीआई में 165 पदों पर प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को आवेदन मांगे गए थे। इसमें 83 पद आरक्षित किए गए। यहां पहले से कार्यरत 224 फैकल्टी में एसटी कोटा शून्य था। ओबीसी और एससी को मिलाकर आरक्षण 21.87 फीसदी था, जबकि सब मिलाकर यह 50 प्रतिशत होना चाहिए। ‘अमर उजाला’ ने 22 फरवरी को ‘पीजीआई : आरक्षण की अनदेखी का आरोप’ खबर प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद संकाय सदस्यों ने निदेशक से आपत्ति करने के साथ अनुसूचित जाति आयोग में भी शिकायत की।
आयोग ने तीन मार्च को निर्देश दिया कि संस्थान निदेशक लाइजन ऑफिसर को लेकर 12 मार्च को सुनवाई के लिए पहुंचे। इस पर आनन- फानन 10 मार्च को प्रो. सुदीप कुमार को ओबीसी लाइजन ऑफिसर और प्रो. विकास कन्नौजिया को एसटी लाइजन ऑफिसर नियुक्त किया गया। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जाति की सदस्य अंजूबाला ने निदेशक को निर्देश दिया कि नियुक्ति प्रक्रिया रद्द कर नए सिरे से भर्ती शुरू की जाए। ‘अमर उजाला’ ने 13 मार्च को ‘पीजीआई को रोस्टर के हिसाब से भर्ती निकालने का आदेश’ खबर प्रकाशित की थी। मुद्दे को लेकर संस्थान के कई दिन विचार विमर्श चला। प्रोफेसरों के खेमे भी बन गए। आखिरकार मंगलवार को संस्थान प्रशासन ने नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने की घोषणा कर दी।
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एसजीपीजीआई में 165 पदों पर प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को आवेदन मांगे गए थे। इसमें 83 पद आरक्षित किए गए। यहां पहले से कार्यरत 224 फैकल्टी में एसटी कोटा शून्य था। ओबीसी और एससी को मिलाकर आरक्षण 21.87 फीसदी था, जबकि सब मिलाकर यह 50 प्रतिशत होना चाहिए। ‘अमर उजाला’ ने 22 फरवरी को ‘पीजीआई : आरक्षण की अनदेखी का आरोप’ खबर प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद संकाय सदस्यों ने निदेशक से आपत्ति करने के साथ अनुसूचित जाति आयोग में भी शिकायत की।
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आयोग ने तीन मार्च को निर्देश दिया कि संस्थान निदेशक लाइजन ऑफिसर को लेकर 12 मार्च को सुनवाई के लिए पहुंचे। इस पर आनन- फानन 10 मार्च को प्रो. सुदीप कुमार को ओबीसी लाइजन ऑफिसर और प्रो. विकास कन्नौजिया को एसटी लाइजन ऑफिसर नियुक्त किया गया। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जाति की सदस्य अंजूबाला ने निदेशक को निर्देश दिया कि नियुक्ति प्रक्रिया रद्द कर नए सिरे से भर्ती शुरू की जाए। ‘अमर उजाला’ ने 13 मार्च को ‘पीजीआई को रोस्टर के हिसाब से भर्ती निकालने का आदेश’ खबर प्रकाशित की थी। मुद्दे को लेकर संस्थान के कई दिन विचार विमर्श चला। प्रोफेसरों के खेमे भी बन गए। आखिरकार मंगलवार को संस्थान प्रशासन ने नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने की घोषणा कर दी।
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