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आईईटी में पीएचडी प्रवेश के लिए शिक्षक ने मांगी रिश्वत, वीसी ने पकड़ा रंगे हाथ
Tue, 02 Jul 2019 12:51 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 02 Jul 2019 12:51 AM IST
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में पीएचडी में प्रवेश के लिए एक छात्र से 1.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में आईईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) एकेटीयू का ही घटक संस्थान है। निलंबित प्रोफेसर राजीव एकेटीयू में सह अधिष्ठाता पीजी एंड रिसर्च के पद पर भी कार्यरत है।
एकेटीयू में पीएचडी प्रवेश परीक्षा का पहला चरण 30 जून को लखनऊ व नोएडा के एक-एक केंद्र पर आयोजित किया गया था। 29 जून को एक छात्र ने कुलपति प्रो. विनय पाठक को फोन पर बताया कि डॉ. राजीव ने पीएचडी में प्रवेश के लिए रिश्वत मांगी है। तब कुलपति ने मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ शिक्षक के निर्देश में टीम बनाई।
वीसी की औचक जांच में पैकेट लेते रंगे हाथ पकड़े गए
जांच टीम 29 जून को छात्र द्वारा बताए गए स्थान विशाल हॉस्पिटल, जानकीपुरम पहुंची। रात 10 बजे प्रोफेसर को उक्त अभ्यर्थी से एक पैकेट लेते हुए पकड़ा गया। रात में ही उन्हें कुलपति के सामने पेश किया गया। विवि प्रवक्ता आशीष मिश्रा के अनुसार डॉ. सिंह ने आरोप स्वीकार कर लिए हैं। जल्द ही एक जांच टीम बनाई जाएगी।
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एकेटीयू में पीएचडी प्रवेश परीक्षा का पहला चरण 30 जून को लखनऊ व नोएडा के एक-एक केंद्र पर आयोजित किया गया था। 29 जून को एक छात्र ने कुलपति प्रो. विनय पाठक को फोन पर बताया कि डॉ. राजीव ने पीएचडी में प्रवेश के लिए रिश्वत मांगी है। तब कुलपति ने मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ शिक्षक के निर्देश में टीम बनाई।
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वीसी की औचक जांच में पैकेट लेते रंगे हाथ पकड़े गए
जांच टीम 29 जून को छात्र द्वारा बताए गए स्थान विशाल हॉस्पिटल, जानकीपुरम पहुंची। रात 10 बजे प्रोफेसर को उक्त अभ्यर्थी से एक पैकेट लेते हुए पकड़ा गया। रात में ही उन्हें कुलपति के सामने पेश किया गया। विवि प्रवक्ता आशीष मिश्रा के अनुसार डॉ. सिंह ने आरोप स्वीकार कर लिए हैं। जल्द ही एक जांच टीम बनाई जाएगी।
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निलंबित प्रोफेसर ने कुबूली घूस मांगने की बात
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में पीएचडी प्रवेश के लिए एक छात्र से डेढ़ लाख रुपये की घूस मांगने में सस्पेंड किए गए आईईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह ने आरोप स्वीकार कर लिए हैं।
विश्वविद्यालय प्रवक्ता आशीष मिश्रा ने बताया कि आरोप स्वीकार करने के बाद डॉ. सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें इस अवधि में विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के बिना मुख्यालय न छोड़ने को कहा गया है। जल्द ही जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। वहीं रिश्वतखोरी में शिक्षक का दबोचा जाना सोमवार को एकेटीयू और आईईटी में शिक्षकों-कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। बता दें कि एक साल पहले ही डॉ. सिंह को आईईटी में तैनाती मिली थी।
छात्र ने एकेटीयू कुलपति से शिकायत की थी कि आईईटी के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग केशिक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने उसे घूस की रकम लेकर विशाल हॉस्पिटल, जानकीपुरम बुलाया है। कुलपति ने एक जांच टीम बनाकर वहां भेजा और डॉ. सिंह को छात्र से पैकेट लेते हुए दबोच लिया।
प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ कि शिक्षक ने पीएचडी प्रवेश के लिए पैसे की मांग की थी। हालांकि उसके पास परीक्षा से संबंधित कोई जानकारी नहीं उपलब्ध थी, किंतु परीक्षा की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए इसका खुलासा रविवार को नहीं किया गया।
विश्वविद्यालय प्रवक्ता आशीष मिश्रा ने बताया कि आरोप स्वीकार करने के बाद डॉ. सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें इस अवधि में विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के बिना मुख्यालय न छोड़ने को कहा गया है। जल्द ही जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। वहीं रिश्वतखोरी में शिक्षक का दबोचा जाना सोमवार को एकेटीयू और आईईटी में शिक्षकों-कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। बता दें कि एक साल पहले ही डॉ. सिंह को आईईटी में तैनाती मिली थी।
छात्र ने एकेटीयू कुलपति से शिकायत की थी कि आईईटी के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग केशिक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने उसे घूस की रकम लेकर विशाल हॉस्पिटल, जानकीपुरम बुलाया है। कुलपति ने एक जांच टीम बनाकर वहां भेजा और डॉ. सिंह को छात्र से पैकेट लेते हुए दबोच लिया।
प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ कि शिक्षक ने पीएचडी प्रवेश के लिए पैसे की मांग की थी। हालांकि उसके पास परीक्षा से संबंधित कोई जानकारी नहीं उपलब्ध थी, किंतु परीक्षा की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए इसका खुलासा रविवार को नहीं किया गया।