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प्रो पाठक प्रकरण: पद था ही नहीं और महिला को बनाया अंग्रेजी का प्रोफेसर, नियुक्तियों में मिले धांधली के साक्ष्य
Thu, 17 Nov 2022 12:23 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 17 Nov 2022 12:23 AM IST
सार
एसटीएफ के नोटिस का जवाब प्रो. पाठक ने ई-मेल से भेजा है। उन्होंने बताया है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और इलाज चल रहा है। पूछताछ के लिए 25 नवंबर के बाद की तिथि तय की जाए। इस पर एसटीएफ ने उनसे ई-मेल पर पूछा है कि आपको क्या बीमारी है? इलाज कहां चल रहा है? तीमारदारी कौन कर रहा है?
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कुलपति प्रो. विनय पाठक
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कमीशनखोरी में फंसे छत्रपति शाहूजी महाराज विवि कानपुर के कुलपति प्रो. विनय पाठक की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उनके द्वारा एकेटीयू में तैनाती के दौरान की गई नियुक्तियों की शुरुआती जांच में भारी अनियमितता मिली है। संस्थान में अंग्रेजी के प्रोफेसर का पद न होने के बाद भी एक महिला की नियुक्ति का मामला भी प्रकाश में आया है।
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एसटीएफ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एकेटीयू में सामान्य वर्ग के प्रोफेसर के लिए कुल 19 पद आरक्षित थे। लेकिन प्रो. पाठक ने 29 को तैनाती दे दी। इसके अलावा कई ऐसे पदों पर भी तैनाती दी गई जो वहां थे ही नहीं। इस मामले में भी प्रो. पाठक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है। एसटीएफ ने इसके लिए पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। उधर, एसटीएफ ने आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि के रजिस्ट्रार को भी तलब किया है। आशंका है कि प्रो. पाठक ने जो अनियमितताएं वहां पर की हैं वे बिना रजिस्ट्रार के मिलीभगत से संभव नहीं थी।
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पाठक ने कहा चल रहा इलाज, एसटीएफ ने पूछा कहां
एसटीएफ के नोटिस का जवाब प्रो. पाठक ने ई-मेल से भेजा है। उन्होंने बताया है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और इलाज चल रहा है। पूछताछ के लिए 25 नवंबर के बाद की तिथि तय की जाए। इस पर एसटीएफ ने उनसे ई-मेल पर पूछा है कि आपको क्या बीमारी है? इलाज कहां चल रहा है? तीमारदारी कौन कर रहा है? उसका संपर्क नंबर बताएं ताकि आपकी सुविधा के अनुसार संपर्क कर आपसे पूछताछ की जा सके।
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