नई बिजली दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू, उपभोक्ता परिषद का दरों में वृद्धि के खिलाफ संघर्ष का एलान
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उत्तर प्रदेश में बिजली की नई दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन की ओर से दाखिल 2019-20 का वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व ट्रैरिफ प्रस्ताव सोमवार को स्वीकार कर लिया।
आयोग ने बिजली कंपनियों को एआरआर व टैरिफ प्रस्ताव का सार्वजनिक प्रकाशन कराकर लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगने को कहा है। इसके बाद आयोग प्रस्तावित दरों पर जनसुनवाई करेगा।
लंबी खींचतान के बाद आखिरकार विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के 2019-20 के लिए दाखिल एआरआर, 2017-18 की ट्रू-अप तथा 2018-2019 की वार्षिक परफॉर्मेंस रिव्यू याचिका को स्वीकार कर लिया।
बिजली कंपनियों का संशोधित एआरआर लगभग 75201 करोड़ रुपये का है। इस साल 54,070 करोड़ रुपये से कुल 109299 मिलियन यूनिट बिजली खरीद प्रस्तावित की गई है। साथ ही ग्रामीण घरेलू समेत कई श्रेणियों की दरों में भारी वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
किसी भी हालत में बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं होने दी जाएगी
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने एलान किया है किसी भी हालत में बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं होने दी जाएगी। परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा पावर कॉर्पोरेशन ने बीपीएल शहरी के स्लैब को 50 यूनिट तक सीमित कर उनकी दरों में लगभग 109 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की है जो गरीबों के साथ अन्याय है। सुनवाई के दौरान बिजली कंपनियों की पोल खोली जाएगी।