{"_id":"960b3909011f4972abf02a804c77965c","slug":"problem-of-well-wishers-in-bjp-party","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुभचिंतकों की समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुभचिंतकों की समस्या
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 31 Jul 2013 01:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के विरोधी ही नहीं शुभचिंतक भी परेशान हैं। इनकी जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है कि वाजपेयी जी आखिर अध्यक्ष कब बनेंगे?
विज्ञापन
दरअसल, वाजपेयी जी ठहरे सरल और खांटी कार्यकर्ता माफिक आदमी। इसलिए उनकी कोशिश यह होती है कि हर कार्यक्रम में वह मौजूद रहें। सिर्फ संघर्ष का निर्देश ही न दें बल्कि सड़कों पर भी संघर्ष में शामिल दिखें।
विज्ञापन
पर, वाजपेयी जी की यह सरलता उनके शुभचिंतकों की समस्या बन गई है। इनकी चिंता यह है कि वाजपेयी जी भाजपा जैसी बड़ी पार्टी के सबसे बड़े प्रदेश के अध्यक्ष हैं।
विज्ञापन
उनके अधीन तमाम संगठन हैं। ऐसे में अगर वह महिला मोर्चा से लेकर युवा मोर्चा और संगठनों के कार्यक्रमों में खुद ही नेतृत्व संभालने लगेंगे तो बाकी सब क्या करेंगे।
खुद वाजपेयी को भी वह वजन नहीं मिलेगा जो उत्तर प्रदेश के महत्व को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष को मिलना चाहिए। इसलिए शुभचिंतक भगवान से मना रहे हैं कि वाजपेयी जी बेशक अच्छे कार्यकर्ता हैं लेकिन वह अच्छे नेता भी बन जाएं।