प्रो. विनय पाठक प्रकरण : एसटीफ की निगाहें अब सीबीआई और हाईकोर्ट पर, सरकार ने की है सीबीआई जांच की सिफारिश
विनय पाठक मामले में एसटीएफ अजय मिश्रा और अजय जैन को गिरफ्तार कर चुकी है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद विनय पाठक के कारनामों की लंबी फेहरिस्त यूपी एसटीएफ ने तैयार की है। कई ऐसे तथ्य एसटीएफ के हाथ लगे हैं जिसमें कुछ सफेदपोशों तक भी आंच आ सकती है।
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यूपी एसटीएफ द्वारा की जा रही दो अहम मामलों की जांच अटक गई है। एक मामले में सीबीआई की हरीझंडी का इंतजार किया जा रहा है तो दूसरे में हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार हो रहा है। आयुष कालेजों में दाखिले में हुए घोटाले की जांच की सिफारिश सीबीआई से की गई है। इस मामले में एसटीएफ ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। एसटीएफ इंतजार कर रही है कि सीबीआई जल्द से जल्द इस मामले को अपने पास लेकर जांच शुरू करे। वहीं, कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक पर भ्रष्टाचार के आरोपों में यूपी एसटीएफ दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी विनय पाठक ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक की गुहार लगाई है। इस पर 15 नवंबर को फैसला आएगा। एसटीएफ उस फैसले के इंतजार में है। अब तक की पड़ताल में कुछ दिग्गजों की भूमिका संदिग्ध मिली है, जिसकी छानबीन की जा रही है।
आयुष कालेजों में दाखिले की जांच की सिफारिश पर सीबीआई ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद से एसटीएफ अब तक निदेशक समेत डेढ़ दर्जन लोगों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन उसे अभी तक ऐसा कोई नहीं मिला जिसकी भूमिका पर सवाल उठाते हुए उसे गिरफ्तार किया जा सके। मुख्य मास्टर माइंड कहा जा रहा कुलदीप एसटीएफ की गिरफ्त से बाहर है। कुलदीप की तलाश में एसटीएफ की अलग-अलग टीमें लगी है। माना जा रहा है कि कुलदीप के गिरफ्त में आने के बाद ही एसटीएफ इस पूरे मामले का खुलासा करेगी। एसटीएफ ने अभी तक जिन लोगों से पूछताछ की है उसमें ज्यादातर काउंसलिंग कराने वाली एजेंसी के लोग हैं जिनकी भूमिका सीमित होती है।
17 लाख डाटा का विश्लेषण
एसटीएफ ने आयुष निदेशालय से उपलब्ध कराए गए 17 लाख डाटा का विश्लेषण कर रही है, जिसमें अभी कम से कम दो दिन का और समय लगेगा। वहीं अभी तक की जांच में एसटीएफ के सामने यह स्थिति साफ हो चुकी है कि पूरा खेल किस तरह किया गया? कौन मास्टर माइंड रहा? कहां से इसकी शुरुआत हुई और किसको सबसे अधिक लाभ हुआ? पूरे मामले में कुछ सफेदपोश की भी संलिप्तता के सुराग जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ मुख्य आरोपियों के गिरफ्त में आने के बाद कड़ियों से कड़ियां जोड़ कर जल्द ही इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश कर सकती है।
विनय पाठक मामले में एसटीएफ अजय मिश्रा और अजय जैन को गिरफ्तार कर चुकी है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद विनय पाठक के कारनामों की लंबी फेहरिस्त यूपी एसटीएफ ने तैयार की है। कई ऐसे तथ्य एसटीएफ के हाथ लगे हैं जिसमें कुछ सफेदपोशों तक भी आंच आ सकती है। ऐसे में जब तक विनय पाठक की गिरफ्तारी नहीं होती है तब तक इसका खुलासा एसटीएफ नहीं करेगी।