बढ़ गई पंचायतों की पुरस्कार राशि
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राष्ट्रीय स्तर पर ‘पंचायत सशक्तीकरण एवं उत्तरदायित्व प्रोत्साहन योजना’
अब चयनित ग्राम पंचायतों को नौ लाख, क्षेत्र पंचायतों को 20 लाख और जिला पंचायतों को 40 लाख से पुरस्कृत किया जाएगा। प्रदेश से हर साल दो जिला पंचायतें, चार क्षेत्र पंचायतें व 26 ग्राम पंचायतें पुरस्कृत की जाती हैं।
पंचायतीराज विभाग के एक वरिष्ठ
अधिकारी ने यहां बताया कि एक विशेष प्रक्रिया के जरिये त्रिस्तरीय पंचायतों
के कामकाज का मूल्यांकन कर पंचायतों का चयन किया जाता है।
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हड़ताल की वजह से लटका उपचुनाव
चयनित पंचायतों
के प्रधान, प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष पंचायतीराज दिवस पर राष्ट्रीय
स्तर पर पुरस्कृत किए जाते हैं। इस बार यह पुरस्कार राजीव गांधी पंचायत
सशक्तीकरण अभियान में शामिल कर लिया गया है।
प्रमुख
सचिव पंचायतीराज अशोक कुमार की ओर से पंचायतों के चयन के लिए जारी
दिशा-निर्देश के अनुसार वर्ष 2011-12 में पुरस्कृत ग्राम पंचायतों को 7-7
लाख, क्षेत्र पंचायतों को 15-15 लाख और जिला पंचायतों को 25-25 लाख रुपये
दिए गए थे। सरकार ने वर्ष 2012-13 से इस राशि को बढ़ा दी है।
पुरस्कार के लिए अलग-अलग प्रश्नावलियां
त्रिस्तरीय
पंचायतों के कामकाज का मूल्यांकन कर चयन के लिए अलग-अलग प्रश्नावलियां
भेजी गई हैं। इनमें पंचायतों के दैनिक कामकाज से लेकर, उनके स्तर पर किए गए
अभिनव पहल व हर तरह के रचनात्मक कार्यों को शामिल किया जाएगा।
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ग्राम
पंचायतों के मामले में सचिव ग्राम पंचायत (ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम
पंचायत अधिकारी), क्षेत्र पंचायतों के मामले में खंड विकास अधिकारी द्वारा
नामित सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) व जिला पंचायतों के संदर्भ में अपर
मुख्य अधिकारी उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्रश्नावली में नंबर देंगे।
वर्ष
2013-14 में ये पुरस्कार वर्ष 2012-13 के कामकाज के आधार पर दिए जाएंगे।
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