ये है प्रियंका वाड्रा के बच्चों का गांव में वक्त गुजारने का पूरा 'सच'
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प्रियंका वाड्रा के बच्चों का अमेठी के गांवों से लगाव नया नहीं है। रेहान और मिराया पहले भी यहां के खेत-खलिहान से लेकर गांव की गलियों तक मस्ती कर चुके हैं।
खासतौर पर चुनाव में प्रियंका वाड्रा दिन भर प्रचार करती थीं तो बच्चे गांव में वक्त गुजारते थे। रेहान और मिराया ने आलू व शकरकंद अपने हाथों से खोदकर न केवल गांव के बच्चों के साथ भूनकर खाया है बल्कि जाते समय उसे अपनी मां प्रियंका के लिए भी लेकर गए हैं। रेहान अमेठी के खेतों का गन्ना दिल्ली भी ले जा चुके हैं।
विधानसभा चुनाव का समय रहा हो या फिर लोकसभा के चुनाव। प्रियंका वाड्रा को चुनाव प्रचार के लिए अगर अमेठी में दो दिन से ज्यादा रुकना होता था तो वे बच्चों को साथ लाती थीं। कई बार चुनाव प्रचार के लिए प्रियंका को चार-पांच दिन तक अमेठी रुकना पड़ा है।
इस तरह गांव में की मस्ती
प्रचार के लिए वे अपने शिड्यूल के मुताबिक सुबह क्षेत्र में निकल जाती थीं। उनके बच्चे गांव में चले जाते थे। रेहान और मिराया गांव के बच्चों व महिलाओं के साथ दिन गुजारते थे। आमतौर पर ये गांव शाहगढ़ और भेटुआ ब्लॉक के होते थे।
चंदौकी के कन्हैया बख्श बताते हैं कि प्रियंका के अमेठी प्रवास के दौरान बच्चे उनके गांव पहुंचे थे। बच्चों ने इफ्को फार्म हाउस पर खाना खाया। खेत से गन्ना तोड़कर चूसा। फार्म हाउस के बाद बच्चे गांव में निकल पड़े।
गांव के बच्चों के साथ खेतों में जमकर मस्ती की। रेहान ने अपने हाथों से आलू और शकरकंद खेतों से खोदा। बच्चों के साथ उसे भूनकर खाया।
भुनी आलू का स्वाद रेहान को इस कदर भा गया कि वे जाते समय उसे अपनी मां प्रियंका वाड्रा के लिए भी ले गए। रेहान को गांव इस कदर प्रिय है कि कई बार वे यहां का ताजा गन्ना दिल्ली भी ले गए हैं।