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मोदी हुए तल्ख तो कार्यकर्ता बोले, आ गए अच्छे दिन

Wed, 04 Jun 2014 08:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 04 Jun 2014 08:53 AM IST
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priyanka rawat and narendra modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाराबंकी की सांसद प्रियंका रावत को जिस तरह कड़े तेवर दिखाए, उससे भाजपा कार्यकर्ताओं की बांछें खिल गई हैं। उन्हें उम्मीद है कि पार्टी के अच्छे दिन आने के साथ ही उनके भी अच्छे दिन आने वाले हैं।

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किसी न किसी रूप में उन्हें भी सरकार में होने का एहसास होगा। सांसद उनकी अनदेखी करके नहीं चल पाएंगे। विकास कार्यों में भी उनकी सलाह का महत्व होगा।

मोदी की ओर से परिवार के किसी सदस्य व नाते-रिश्तेदार को अपने स्टाफ में न रखने के निर्देशों के बावजूद बाराबंकी से भाजपा सांसद प्रियंका रावत ने अपने पिता को प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया था।
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इस पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कड़ी नाराजगी जताई थी। बाद में खुद प्रधानमंत्री ने फोन करके प्रियंका को फटकार लगाई। तब जाकर उन्होंने अपने पिता को प्रतिनिधि पद से हटाया।

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पत्र में दिए निर्देश

priyanka rawat and narendra modi

प्रियंका प्रकरण से चेती भाजपा ने इस सिलसिले में सभी सांसदों को पत्र भेजा है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि वे परिवार, नाते-रिश्तेदार को अपने स्टाफ में न रखें।

प्रतिनिधि नियुक्त करते वक्त संबंधित व्यक्ति के सामाजिक सरोकार और सांगठनिक कार्यों का भी ध्यान रखें।

उसकी छवि साफ-सुथरी हो और कार्यकर्ताओं तथा जनता के बीच उसकी लोकप्रियता व भरोसा भी हो। वह विकास कार्यों में रुचि लेने वाला हो।

बताते चलें कि बाराबंकी की सांसद प्रियंका रावत ने अपने पिता उत्तमराम सिंह को ही अपना सांसद प्रतिनिधि बना दिया था। मामला फिर तूल पकड़ा और बात पीएमओ तक जा पहुंची और मोदी ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया।

जनता को हो बदलाव का एहसास

priyanka rawat and narendra modi

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि सांसदों को भेजे पत्र में उनसे पार्टी की सहमति से स्टाफ नियुक्त करने के साथ यह भी कहा गया है कि जनता ने जिस अपेक्षा के साथ भाजपा को बहुमत दिया है, वह पूरी होनी चाहिए।

सरकार बदली है तो लोगों को कामकाज के तरीके में बदलाव दिखे। पार्टी कार्यकर्ता और सांसद तथा संगठन से जुड़े अन्य जनप्रतिनिधि परस्पर तालमेल से विकास कार्य कराएं। इसमें कोई भेदभाव न हो।

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