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बढ़ते बिजली बिलों और मीटरों की अनिमितताओं पर प्रियंका गांधी ने जारी किया बयान, बोलीं- मचा हुआ है हाहाकार
Fri, 06 Nov 2020 10:29 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 06 Nov 2020 10:29 AM IST
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प्रियंका गांधी
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बिजली बिल और मीटर में अनियमितता की शिकायतों पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पूरे यूपी में बिजली के बढ़ते बिलों और बिजली मीटरों का आतंक है। पिछले कुछ वर्षों में बिजली दरों में काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सरकार से बिजली बिल में जनता को राहत देने की मांग की है।
प्रियंका ने कहा कि पिछले आठ साल में ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 500 फीसदी, शहरी घरेलू बिजली की दरों में 84 फीसदी और किसानों को मिलने वाली बिजली की दरों में 126 फीसदी की वृद्धि हुई है। बिजली मीटर भी कई गुना तेज चलते पाए गए हैं। जिन घरों में ताले लगे हुए हैं, बिजली की कोई खपत नहीं हुई है, उन घरों में सात-आठ हजार रुपये तक का बिल आ रहा है।
जनता महंगाई से त्रस्त है। छोटे कारोबारियों का व्यापार चौपट हो गया है। किसानों की फसलों की खरीद नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में बिजली के लगातार बढ़ रहे दाम उपभोक्ता अब नहीं सह सकते हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों को बिजली का रेट तत्काल प्रभाव से आधा किया जाए।
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प्रियंका ने कहा कि पिछले आठ साल में ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 500 फीसदी, शहरी घरेलू बिजली की दरों में 84 फीसदी और किसानों को मिलने वाली बिजली की दरों में 126 फीसदी की वृद्धि हुई है। बिजली मीटर भी कई गुना तेज चलते पाए गए हैं। जिन घरों में ताले लगे हुए हैं, बिजली की कोई खपत नहीं हुई है, उन घरों में सात-आठ हजार रुपये तक का बिल आ रहा है।
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जनता महंगाई से त्रस्त है। छोटे कारोबारियों का व्यापार चौपट हो गया है। किसानों की फसलों की खरीद नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में बिजली के लगातार बढ़ रहे दाम उपभोक्ता अब नहीं सह सकते हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों को बिजली का रेट तत्काल प्रभाव से आधा किया जाए।
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पराली मामले में किसानों की गिरफ्तारी अनुचित
प्रियंका ने सहारनपुर में पराली जलाने के मामले में किसानों को जेल भेजे जाने को अनुचित बताया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा है, क्या प्रदूषण के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार हैं? प्रदूषण फैलाने के असली जिम्मेदारों पर करवाई कब होगी? किसान का वोट और धान कानूनी है, तो पराली गैरकानूनी कैसे? यूपी सरकार ने सहारनपुर में किसानों को जेल में डाला और उन्हें छुड़वाने के लिए कांग्रेस के साथियों का धन्यवाद।