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एलडीए कराएगा इस कालोनी का विकास, लगभग एक लाख लोगों को मिलेगी राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 07 Dec 2018 02:08 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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करीब नौ साल के संकट के बाद प्रियदर्शिनी कॉलोनी के दिन बदलेंगे। लंबे समय से यहां जलभराव और टूटी सड़कों की मुश्किल झेल रहे करीब एक लाख लोगों को राहत देने के लिए एलडीए ही जरूरी काम करवाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण अपनी विकसित कॉलोनी में काम कराने के लिए तैयार हो गया है।
2009 में कॉलोनी नगर निगम को हैंडओवर हो जाने के बाद एलडीए ने यहां विकास कार्य कराने से मना कर दिया था। एलडीए के जोन-4 के प्रभारी अधिशाषी अभियंता आनंद मिश्रा ने बताया कि कॉलोनी में विकास कार्य कराने के लिए सहमति बन गई है।
यहां नाले का काम शुरू हो रहा है। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, जलभराव से खराब हुईं सड़कें भी बनाई जाएंगी। विकास कार्य के लिए बजट भी अवस्थापना निधि और प्राधिकरण मद से उपलब्ध हो गया है। आनंद मिश्रा ने बताया कि 2009 में ही कॉलोनी को नगर निगम को हैंडओवर कर दिया गया था।
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इसके लिए आपसी सहमति के बाद करीब आठ करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी खुद काम कराए जाने की जगह एलडीए से मांग की जाती रही है। आवंटियों के हित को देखते हुए हम काम करा रहे हैं।
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2009 में कॉलोनी नगर निगम को हैंडओवर हो जाने के बाद एलडीए ने यहां विकास कार्य कराने से मना कर दिया था। एलडीए के जोन-4 के प्रभारी अधिशाषी अभियंता आनंद मिश्रा ने बताया कि कॉलोनी में विकास कार्य कराने के लिए सहमति बन गई है।
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यहां नाले का काम शुरू हो रहा है। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, जलभराव से खराब हुईं सड़कें भी बनाई जाएंगी। विकास कार्य के लिए बजट भी अवस्थापना निधि और प्राधिकरण मद से उपलब्ध हो गया है। आनंद मिश्रा ने बताया कि 2009 में ही कॉलोनी को नगर निगम को हैंडओवर कर दिया गया था।
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इसके लिए आपसी सहमति के बाद करीब आठ करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी खुद काम कराए जाने की जगह एलडीए से मांग की जाती रही है। आवंटियों के हित को देखते हुए हम काम करा रहे हैं।
20 साल पुरानी है कॉलोनी
जनवरी 2017 में हाईकोर्ट ने एक आदेश कर नगर निगम और एलडीए के आपसी मतभेद में स्थानीय लोगों के नुकसान की बात कही थी। इसके बाद खुद प्रमुख सचिव शहरी विकास को आदेश दिया कि दोनों विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर इसका हल निकालें। इसके बाद तय हुआ कि एलडीए ही विकास कार्य कराकर नगर निगम को दे।
प्रियदर्शिनी कॉलोनी को करीब 20 साल पहले एलडीए ने सीतापुर रोड पर विकसित किया। अलीगंज से सटी इस कॉलोनी में शुरुआत से ही विकास कार्यों पर सवाल उठते रहे हैं। वहीं, हैंडओवर होने के बाद नगर निगम ने भी इस कॉलोनी में विकास कार्यों पर कभी ध्यान नहीं दिया।
प्रियदर्शिनी कॉलोनी को करीब 20 साल पहले एलडीए ने सीतापुर रोड पर विकसित किया। अलीगंज से सटी इस कॉलोनी में शुरुआत से ही विकास कार्यों पर सवाल उठते रहे हैं। वहीं, हैंडओवर होने के बाद नगर निगम ने भी इस कॉलोनी में विकास कार्यों पर कभी ध्यान नहीं दिया।