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निजी अस्पताल ने महिला को बताया एचआईवी पॉजिटिव, केजीएमयू में जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात
Mon, 04 Mar 2019 04:46 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 04 Mar 2019 04:46 PM IST
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डेमो
लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में जांच के दौरान जिस महिला को एचआईवी पॉजीटिव बताया गया, केजीएमयू में उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। महिला के पति ने एचआईवी के नाम पर निजी अस्पताल द्वारा हजारों रुपया ऐंठने का आरोप लगाया है। महिला के पति ने सीएमओ से शिकायत की है।
हरदोई के फतेहपुर निवासी युवक ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे दुर्गागंज स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच चिकित्सक ने खून की जांच कराई। इसमें उसे एचआईवी पॉजीटिव बताया गया।
जबकि दोबारा 11 जनवरी को मलिहाबाद सीएचसी और 15 फरवरी को केजीएमयू में जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई। इस मामले में सीएमओ डॉ नरेंद्र अग्रवाल का कहना है अभी तक कोई
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ऐसी शिकायत नहीं मिली है। कल संबंधित इलाके के चिकित्सा अधिकारी से पता कराते हैं कि क्या मामला है।
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हरदोई के फतेहपुर निवासी युवक ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे दुर्गागंज स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच चिकित्सक ने खून की जांच कराई। इसमें उसे एचआईवी पॉजीटिव बताया गया।
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जबकि दोबारा 11 जनवरी को मलिहाबाद सीएचसी और 15 फरवरी को केजीएमयू में जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई। इस मामले में सीएमओ डॉ नरेंद्र अग्रवाल का कहना है अभी तक कोई
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ऐसी शिकायत नहीं मिली है। कल संबंधित इलाके के चिकित्सा अधिकारी से पता कराते हैं कि क्या मामला है।
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रुपये लेने का आरोप गलत
वहीं अस्पताल संचालक का कहना है कि यह महिला रात को गंभीरावस्था में आई थी। बच्चा फंस गया था। डायग्नोसिस में एचआईवी पॉजीटिव पाया गया। मरीज को दोबारा एचआईवी जांच के लिए लिखा गया था।
क्योंकि नेट टेस्ट होने के बाद ही पॉजीटिव या निगेेटिव घोषित किया जाता है। जब तक मरीज की तीन अलग-अलग जांचें नहीं होतीं तब तक कुछ भी कहना संभव नहीं है। रुपये लेने का आरोप गलत है।
क्योंकि नेट टेस्ट होने के बाद ही पॉजीटिव या निगेेटिव घोषित किया जाता है। जब तक मरीज की तीन अलग-अलग जांचें नहीं होतीं तब तक कुछ भी कहना संभव नहीं है। रुपये लेने का आरोप गलत है।