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एलडीए की जमीन पर बना निजी अस्पताल, खाली कराने की जगह अवैध निर्माण में कार्रवाई
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एलडीए की जानकीपुरम योजना की अर्जित जमीन पर कुर्सी रोड पर जनेश्वर एन्क्लेव के सामने कब्जा कर निजी अस्पताल बन गया। यहां हो चुके निर्माण को तोड़कर जमीन खाली कराना तो दूर एलडीए नए निर्माण को भी नहीं रोक पा रहा है।
वहीं, अवैध निर्माण में कार्रवाई कर निजी अस्पताल संचालक को फायदा दिया जा रहा है। शिकायतें होने के बाद प्रकरण पिछले दिनों में गरमाया तो अब एलडीए की तरफ से सीएमओ को अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए पत्र भेजा गया है।
एलडीए के अधिकारियों के मुताबिक, कुर्सी रोड पर आवासीय योजना के लिए अधिग्रहण शुरू होने के बाद विधि विरुद्ध जमीन की खरीद निजी अस्पताल सेंट मेरी पॉलीक्लीनिक की संचालक डॉ. ब्रिजिता वीवी ने की है।
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यह जमीन एलडीए के स्वामित्व की है। ऐसे में अर्जन विभाग इस जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई भी कर रहा है। आठ दिसंबर को ही मौजूद प्रभारी अर्जन अमित राठौर ने भी अधिशासी अभियंता जोन-5 को पत्र भेजा है।
इससे पूर्व में भी एलडीए का अर्जन विभाग इस तरह के पत्र संबंधित अधिकारियों को भेज चुका है। लेकिन, करीब 50 करोड़ रुपये की इस जमीन को खाली अभी तक नहीं कराया जा सका है।
इधर, सवाल यह उठता है कि एलडीए की जमीन पर सालों से निर्माण कर यह अस्पताल चालू है। ऐसे में अवैध निर्माण की कार्रवाई करने की जगह सीधे जमीन खाली कराने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
अवैध निर्माण में कार्रवाई कर अस्पताल संचालक को मौका ही दिया जा रहा है। छह अक्टूबर 2021 को इस अस्पताल के निर्माण को तोड़ने का आदेश भी हुआ।
लेकिन, इसके बाद भी पहले से अलग निर्माण यहां हो गया। सील की कार्रवाई भी हुई, लेकिन निर्माण चालू रहा। इसके लिए पुलिस में एफआईआर भी कराई गई है।
सीएमओ से कहा, रजिस्ट्रेशन खत्म करें
नोडल अधिकारी व ओएसडी रामशंकर का कहना है कि सेंट मेरी पॉलीक्लीनिक के रजिस्ट्रेशन को निरस्त कराने की कार्रवाई सीएमओ कार्यालय से शुरू करा दी गई है। अस्पताल बंद होने पर ही निर्माण हटाकर जमीन खाली कराई जा सकती है। जल्दी ही निर्माण तोड़ने की कार्रवाई कराई जाएगी।
गोमतीनगर में भी सामने आ चुका यही खेल
गोमतीनगर में भी इसी तरह करोड़ों रुपये की अर्जित जमीन पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनने और जमीन खाली नहीं कराए जाने का खेल हुआ। यहां भी जमीन खाली कराने की कार्रवाई करने की जगह अवैध निर्माण में नोटिस और सील का खेल हुआ। अब कांप्लेक्स बनकर खड़ा हो चुका है। इसके बाद एलडीए भी निर्माण को आदेश के बाद भी नहीं तोड़ पा रहा है। चिनहट में अयोध्या हाईवे के पास मल्हौर स्टेशन रोड की प्राइम लोकेशन की यह जमीन है। इसके बाद भी एलडीए अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। कब्जा कर यह अवैध निर्माण कंचनलता सिंह पत्नी रामइकबाल सिंह ने किया है।
अवैध ग्रुप हाउसिंग के नक्शे पर तीन महीने में फैसला नहीं
अर्बन सीलिंग की सरकारी जमीन पर सीतापुर रोड पर मोहिबुल्लापुर में अवैध निर्माण कर बनी अग्रसेन हाइट ग्रुप हाउसिंग के नक्शे को निरस्त करने पर फैसला एलडीए तीन महीने में नहीं कर पाया है। अब इस प्रकरण को सामने लाने वाले नेहरू एन्लेव निवासी दीपक गुप्ता ने मुख्यमंत्री से शिकायत की तो जवाब मिला है कि सुनवाई चालू है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर आईजीआरएस में एलडीए के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी शिकायत है कि सितंबर से खुद एलडीए वीसी 2006 में स्वीकृत हुए इस नक्शे को निरस्त करने की सुनवाई कर रहे हैं। इस सुनवाई में मानचित्र अनुभाग और अर्बन सीलिंग अनुभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा गया था। जवाब मिला है कि रिपोर्ट भेज दी गई हैं। वीसी ने भी शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया है कि जल्दी ही सभी पक्षों को सुनकर मानचित्र पर फैसला ले लिया जाएगा। एलडीए अपनी जमीन को भी खाली कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।
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वहीं, अवैध निर्माण में कार्रवाई कर निजी अस्पताल संचालक को फायदा दिया जा रहा है। शिकायतें होने के बाद प्रकरण पिछले दिनों में गरमाया तो अब एलडीए की तरफ से सीएमओ को अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए पत्र भेजा गया है।
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एलडीए के अधिकारियों के मुताबिक, कुर्सी रोड पर आवासीय योजना के लिए अधिग्रहण शुरू होने के बाद विधि विरुद्ध जमीन की खरीद निजी अस्पताल सेंट मेरी पॉलीक्लीनिक की संचालक डॉ. ब्रिजिता वीवी ने की है।
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यह जमीन एलडीए के स्वामित्व की है। ऐसे में अर्जन विभाग इस जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई भी कर रहा है। आठ दिसंबर को ही मौजूद प्रभारी अर्जन अमित राठौर ने भी अधिशासी अभियंता जोन-5 को पत्र भेजा है।
इससे पूर्व में भी एलडीए का अर्जन विभाग इस तरह के पत्र संबंधित अधिकारियों को भेज चुका है। लेकिन, करीब 50 करोड़ रुपये की इस जमीन को खाली अभी तक नहीं कराया जा सका है।
इधर, सवाल यह उठता है कि एलडीए की जमीन पर सालों से निर्माण कर यह अस्पताल चालू है। ऐसे में अवैध निर्माण की कार्रवाई करने की जगह सीधे जमीन खाली कराने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
अवैध निर्माण में कार्रवाई कर अस्पताल संचालक को मौका ही दिया जा रहा है। छह अक्टूबर 2021 को इस अस्पताल के निर्माण को तोड़ने का आदेश भी हुआ।
लेकिन, इसके बाद भी पहले से अलग निर्माण यहां हो गया। सील की कार्रवाई भी हुई, लेकिन निर्माण चालू रहा। इसके लिए पुलिस में एफआईआर भी कराई गई है।
सीएमओ से कहा, रजिस्ट्रेशन खत्म करें
नोडल अधिकारी व ओएसडी रामशंकर का कहना है कि सेंट मेरी पॉलीक्लीनिक के रजिस्ट्रेशन को निरस्त कराने की कार्रवाई सीएमओ कार्यालय से शुरू करा दी गई है। अस्पताल बंद होने पर ही निर्माण हटाकर जमीन खाली कराई जा सकती है। जल्दी ही निर्माण तोड़ने की कार्रवाई कराई जाएगी।
गोमतीनगर में भी सामने आ चुका यही खेल
गोमतीनगर में भी इसी तरह करोड़ों रुपये की अर्जित जमीन पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनने और जमीन खाली नहीं कराए जाने का खेल हुआ। यहां भी जमीन खाली कराने की कार्रवाई करने की जगह अवैध निर्माण में नोटिस और सील का खेल हुआ। अब कांप्लेक्स बनकर खड़ा हो चुका है। इसके बाद एलडीए भी निर्माण को आदेश के बाद भी नहीं तोड़ पा रहा है। चिनहट में अयोध्या हाईवे के पास मल्हौर स्टेशन रोड की प्राइम लोकेशन की यह जमीन है। इसके बाद भी एलडीए अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। कब्जा कर यह अवैध निर्माण कंचनलता सिंह पत्नी रामइकबाल सिंह ने किया है।
अवैध ग्रुप हाउसिंग के नक्शे पर तीन महीने में फैसला नहीं
अर्बन सीलिंग की सरकारी जमीन पर सीतापुर रोड पर मोहिबुल्लापुर में अवैध निर्माण कर बनी अग्रसेन हाइट ग्रुप हाउसिंग के नक्शे को निरस्त करने पर फैसला एलडीए तीन महीने में नहीं कर पाया है। अब इस प्रकरण को सामने लाने वाले नेहरू एन्लेव निवासी दीपक गुप्ता ने मुख्यमंत्री से शिकायत की तो जवाब मिला है कि सुनवाई चालू है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर आईजीआरएस में एलडीए के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी शिकायत है कि सितंबर से खुद एलडीए वीसी 2006 में स्वीकृत हुए इस नक्शे को निरस्त करने की सुनवाई कर रहे हैं। इस सुनवाई में मानचित्र अनुभाग और अर्बन सीलिंग अनुभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा गया था। जवाब मिला है कि रिपोर्ट भेज दी गई हैं। वीसी ने भी शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया है कि जल्दी ही सभी पक्षों को सुनकर मानचित्र पर फैसला ले लिया जाएगा। एलडीए अपनी जमीन को भी खाली कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।