सहायक भर्ती परीक्षा में गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई, हटाए गए पुराने प्रिंसिपल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के नेशनल इंटर कॉलेज के प्रबंधन की अंतरिम समिति ने मंगलवार को प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह को सस्पेंड कर दिया। उनके स्थान पर प्रवक्ता रामचंद्र को प्रिंसिपल का चार्ज दिया गया है। कमेटी ने अपनी इस कार्रवाई को जिला विद्यालय निरीक्षक के पास अनुमोदन के लिए भेज दिया है।
गत रविवार को आयोजित सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया था। इसके बाद कॉलेज के प्रधानाचार्य सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया।
कॉलेज का प्रबंधन सोसाइटी द्वारा संचालित है।
मोती महल मेमोरियल सोसाइटी की आंतरिक समिति के सदस्यों में वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस विरेश कुमार और सेवानिवृत्त जस्टिस एसयू खान शामिल हैं। मंगलवार को आंतरिक समिति ने प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह को संस्पेंड करने और प्रवक्ता रामचंद्र को प्रधानाचार्य पद पर नियुक्त करने का पत्र जारी कर दिया।
पत्र को जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार के पास अनुमोदन के लिए भेजा। डीआईओएस ने बताया कि निलंबन का पत्र मिलते ही अनुमोदन कर दिया जाएगा। गत वर्ष जब प्रधानाचार्य पर छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा था तब भी आंतरिक समिति ने उनको निलंब कर दिया था। उस समय भी रामचंद्र को प्रधानाचार्य का चार्ज दिया गया था। रामचंद्र गणित विषय के प्रवक्ता हैं।
एक और स्कूल जांच के घेरे में
सहायक अध्यापक परीक्षा में सॉल्वर गैंग पकड़े जाने के मामले में जियामऊ स्थित उमा शुक्ला विद्यालय भी जांच के घेरे में आ गया है। नेशनल इंटर कॉलेज से एसटीएफ द्वारा पकड़े गए कक्ष निरीक्षकों में से एक जियामऊ स्थित उमा शुक्ला विद्यालय का व्यवस्थापक बताया जा रहा है।
पकड़े गए कक्ष निरीक्षक में राम इकबाल शुक्ला शामिल है। वह दयानंद इंटर कॉलेज का शिक्षक था। बताया जा रहा कि वह जियामऊ स्थित उमा शुक्ला विद्यालय का व्यवस्थापक भी है। दयानंद इंटर कॉलेज के तीन शिक्षकों को एसटीएफ ने नकल कराते पकड़ा था।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में उमा शुक्ला विद्यालय का निरीक्षण किया गया था, जिसमें विद्यालय हाईस्कूल तक संचालित मिला, लेकिन साइन बोर्ड इंटर तक का लगा हुआ था। उन्होंने बताया कि विद्यालय की नए सिरे से जांच कराई जा रही है। विद्यालय का भवन भी आशंका के घेरे में है। विद्यालय एक आवासीय मकान में संचालित है। मकान की पहली मंजिल पर विद्यालय संचालित है और भूतल पर किराएदार रहते हैं।