अफसर सुधरें, नहीं तो मिलेगा दंडः आलोक रंजन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनहित की योजनाओं के लक्ष्य नहीं पूरे हो पाने पर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अफसरों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, अफसर अपनी कार्यशैली सुधारें, नहीं तो दंड के लिए तैयार रहें। साथ ही साफ कर दिया कि तहसील दिवस की वेबसाइट पर कोई भी शिकायत एक माह से ज्यादा लंबित रही तो संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने सोमवार को योजना भवन में मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाओं में दवाओं की उपलब्धता और उपकरणों की नियमित समीक्षा की जाए।
डॉक्टर आ रहे हैं कि नहीं, इस पर नजर रखी जाए। ग्राम स्तर पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। लोहिया आवासों के बचे कामों को समय पर गुणवत्ता के साथ पूरा कराएं। समाजवादी पेंशन योजना के चयनित लाभार्थियों को भुगतान प्राथमिकता से कराया जाए। जिला मुख्यालयों को फोर लेन मार्गों से जोड़े जाने के लिए जरूरीकामों की 15 दिन में समीक्षा की जाए।
मांग के अनुसार खाद उपलब्ध कराएं
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए संबंधित जिलों में जमीन उपलब्ध कराई जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव समाज कल्याण सुनील कुमार, प्रमुख सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन डॉ. रजनीश दुबे समेत कई विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को मांग के अनुसार समय से खाद उपलब्ध कराया जाए। अधूरे 232 एग्रीकल्चर मार्केटिंग हबों को जल्द पूरा कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूरिया संकट कुछ दिनों में दूर कर लिया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि फरवरी में फिर विकास कार्यों की समीक्षा कर कार्यों के प्रगति की जानकारी ली जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि वे सुनिश्चित करें कि बोर्ड परीक्षाएं नकल विहीन संपन्न हों। जिन विद्यालयों में शौचालय अभी तक नहीं बने हैं, वहां 15 जनवरी तक शौचालय निर्माण अवश्य पूरा करा दिया जाए। सभी निर्माणाधीन नवीन विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का निर्माण भी 15 जनवरी तक पूरा करा लिया जाए।
शीतलहर से बचने के लिए मिलेंगे छह लाख
मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों को शीतलहर से बचाने के लिए हर तहसील को कंबल के लिए पांच लाख और अलाव के लिए एक-एक लाख लाख रुपये दिए हैं। कंबल के लिए 16.35 करोड़ तथा अलाव के लिए 3.27 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। ठंड से मृत्यु होने पर संबंधित जिले की व्यवस्था में खामी मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने बहुत से अन्य निर्देश भी दिए। अगले एक सप्ताह में समाजवादी पेंशन योजना का वितरण पूरा कराएं। लोहिया आवासों का निर्माण समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कराया जाए। अल्पसंख्यकों के विकास की योजनाओं के कामों की डीएम निगरानी करें और समय से पूरा कराएं।
तहसीलों पर बनवाए जा रहे उपकेंद्रों को समय पर पूरा कराया जाए और जिला स्तर पर तहसीलवार बिजली आपूर्ति का रोस्टर तय करके सप्लाई सुनिश्चित कराई जाए।108 व 102 एंबुलेंस का संचालन प्रभावी तरीके से कराया जाए। अफसर नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करके लोगों की समस्याओं का समाधान कराएं।