प्रिंसिपल पर बच्चों को बेरहमी से पीटने का आरोप, विरोध में प्रदर्शन, सुल्तानपुर हाईवे किया जाम
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गोसाईगंज के अहिमामऊ स्थित आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रदीप मिश्रा पर बच्चों की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। स्कूल में धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही लखनऊ-सुल्तानपुर हाइवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने किसी तरह अभिभावकों को शांत कराया।
प्रधानाध्यापक के खिलाफ बच्चों से मारपीट करने, धमकाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने प्रधानाध्यापक को हिरासत में ले लिया है। सीओ मोहनलालगंज राजकुमार शुक्ला का कहना है कि आरोपी प्रधानाध्यापक से पूछताछ की जा रही है।
सीओ ने बताया कि अहिमामऊ स्थित आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा छह के 10 छात्र-छात्राओं की प्रधानाध्यापक प्रदीप मिश्रा ने बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोप है कि ये बच्चे अनुपस्थित थे इसलिए उन्हें प्रिंसिपल ने जमकर पीटा। अभिभावकों का कहना है कि पिटाई से जख्मी दो छात्राएं इच्छा व चांदनी तो बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं।
शोर शराबा सुनकर जुटी सैकड़ों की भीड़
वहीं सुखमी लाल, गरिमा, लक्ष्मी व श्रीलाल को भी चोटें आई हैं। एक बच्चे ने घर जाकर इसकी सूचना दी तो हड़कंप मच गया। सूचना पर कुछ अभिभावकों ने स्कूल आकर प्रिंसिपल से इसका विरोध किया तो उन्होंने बच्चों के नाम काटने की धमकी दी और अभिभावकों से वहां से भगा दिया। इस पर अभिभावक उग्र हो गए और हंगामा करने लगे।
स्कूल स्टाफ ने कंट्रोलरूम को सूचना दी। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र उपाध्याय फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उधर शोर शराबा सुनकर सैकड़ों लोग आ गए और विद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर आ गए। ग्रामीणों ने लखनऊ-सुल्तानपुर हाइवे पर जाम लगा दिया।
कोतवाल धीरेन्द्र उपाध्याय ने आरोपी प्रधानाध्यापक को हिरासत मे लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर अभिभावक व अन्य ग्रामीण शांत हुए और जाम खुल सका। पुलिस ने बाबूलाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रधानाध्यापक प्रदीप मिश्रा को हिरासत में ले लिया है।
विवादों से रहा है प्रदीप का पुराना नाता
विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रदीप मिश्रा का विवादों से पुराना नाता है। इसके लिए इनके खिलाफ जुलाई 2019 में निलंबन की कार्रवाई भी की जा चुकी है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चों के नाम काटकर पुन: प्रवेश करने के नाम पर 500-500 रुपये वसूले जाते हैं। करीब एक माह पूर्व भी कक्षा सात के दो छात्रों नूर अहमद व गुफरान का नाम काट दिया गया था जिन्हें बाद में दोबारा प्रवेश दिया गया।