दिल्ली की कुर्सी पाने के लिए माया ने चली ये चाल
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एनडीए के बहुमत से दूर रहने की दशा में यूपीए के सहयोग से पीएम पद के दूसरे दावेदार दांव चलें, इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी चाल चल दी।
चुनाव के अंतिम चरण का प्रचार खत्म होने के कुछ क्षण पहले मायावती ने कहा कि केंद्र में एनडीए और यूपीए दोनों ही अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है।
बसपा इस चुनाव में यूपी के ही बलबूते बैलेंस ऑफ पावर बनकर उभरेगी।
ऐसे में यदि केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिला तो सर्वसमाज के हित व बहुजन मूवमेंट को ध्यान में रखकर वह अपनी सरकार चलाएंगी।
'जब ऑफर आएगा, तब जवाब दूंगी'
पत्रकार वार्ता में माया से सवाल हुआ कि वह एनडीए को समर्थन न देने का ऐलान कर चुकी हैं, लेकिन क्या उसकी ओर से सरकार बनाने के लिए उन्हें समर्थन की पेशकश की गई, तो समर्थन लेंगी?
मायावती ने कहा, यदि भाजपा व एनडीए उन्हें पीएम पद का प्रस्ताव कर समर्थन करें तो भी वह उनसे समर्थन नहीं लेंगी। तो क्या, कोई चौथा मोर्चा बनाएंगी?
मायावती ने इस सवाल पर कहा कि बसपा को कोई मोर्चा बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जो पार्टियां धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखती हैं वे खुद ही उनके पास आ जाएंगी।
क्या यूपीए सरकार ने समर्थन की पेशकश की तो उसे स्वीकार करेंगी? मायावती ने इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, जब ऑफर आएगा तब जवाब दूंगी।
रोड शो से जनता परेशान
मायावती ने वाराणसी में पहले नरेंद्र मोदी फिर राहुल गांधी व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रोड शो पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
उन्होंने कहा, इन नेताओं ने बाहरी लोगों को बुलाकर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। इससे कई घंटे तक सड़कों को जाम रखा गया। आम लोगों को काफी असुविधा हुई।
इससे पहले माया ने फैजाबाद में हुई नरेंद्र मोदी और मुलायम सिंह यादव की जनसभा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि ये दोनों नेता वहां जाकर विवादित राममंदिर मुद्दे बोले तो, सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है।
'झूठ बोलने में गंगा मैया को भी नहीं छोड़ा'
मायावती ने आरोप लगाया कि मोदी ने इस चुनाव में खूब झूठ बोला। वह वाराणसी की जनता के साथ गंगा मैया को भी झूठ में घसीटने से नहीं चूके।
मोदी चुनावी लाभ के लिए अपने को पिछड़ी जाति का बताते रहे लेकिन अब यह बात साफ हो गई है कि वह पिछड़ी जाति में पैदा नहीं हुए।
वह कहते हैं कि उन्हें किसी ने भेजा नहीं, मां गंगा ने बुलाया है। सवाल है कि मां गंगा वाराणसी के मौजूदा सांसद मुरली मनोहर जोशी को दूर भेजकर यहां उन जैसे व्यक्ति को क्यों बुलाएंगी?