200 रुपये के लिए अड़ा एंबुलेंस चालक, प्रसूता ने तोड़ा दम
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सीएचसी में सोमवार रात एक प्रसूता की तबियत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिए 102 सेवा की एंबुलेंस बुलाने पर चालक ने 200 रुपये खर्चा मांगा। पैसों को लेकर 40 मिनट तकरार हुई।
इसके बाद चिकित्साधीक्षक के फटकारने पर 108 सेवा की एंबुलेंस से प्रसूता को जिला अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिवारीजन की शिकायत पर इस मामले में विभागीय जांच शुरू की गई है।
पयागपुर क्षेत्र में ग्राम पंचायत शंभू टिकरी मजरा चूंटीपुरवा निवासी सत्यदेव यादव की पत्नी उर्मिला देवी ( 21) को सोमवार दोपहर प्रसव पीड़ा होने पर परिवारीजनों ने सीएचसी पयागपुर में भर्ती कराया।
शाम को उर्मिला ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के एक घंटे बाद उर्मिला की हालत बिगड़ने लगी। उसे रक्तस्राव होने पर सीएचसी के डॉक्टरों ने देर रात जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस पर पति सत्यदेव ने 102 सेवा के एंबुलेंस चालक पंकज तिवारी को फोन कर पत्नी को जिला अस्पताल पहुंचाने का अनुरोध किया।
सत्यदेव का कहना है कि पंकज आधे घंटे बाद एंबुलेंस लेकर आया तो खर्च के लिए 200 रुपये मांगे। जिला अस्पताल पहुंचाने पर पैसा देने की बात कही तो भी वह राजी नहीं हुआ। पैसों के लिए 40 मिनट तक तकरार की।
एंबुलेंस चालक के खिलाफ विभागीय जांच
इसके बाद पंकज ने उर्मिला को जिला अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया। मौके पर पहुंचे प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. एनबी जायसवाल ने 108 सेवा के एंबुलेंस को बुलवा बेहोशी की हालत में उर्मिला को जिला अस्पताल के लिए रवाना किया लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
इस पर परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर लौट आए। सीएचसी के डॉक्टरों ने भी मृत घोषित कर दिया। रात में हंगामे के हालात पैदा हो गए। हालांकि किसी तरह मामला सुलझा।
प्रभारी चिकित्साधीक्षक ने बताया कि सत्यदेव की शिकायत पर एंबुलेंस चालक के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। नवजात स्वस्थ्य है। उसे परिवारीजन घर ले गए हैं।