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प्री-मानसून रिपोर्ट 2022 : लखनऊ में इंदिरानगर और चारबाग सबसे ज्यादा प्रदूषित

Sun, 05 Jun 2022 07:23 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 05 Jun 2022 07:23 PM IST
सार

आईआईटीआर ने राजधानी लखनऊ में नौ जगहों पर हवा और शोर की जांच कर रिपोर्ट जारी की है। जिसके अनुसार, आवासीय में गोमतीनगर और व्यावसायिक क्षेत्र में चारबाग में सबसे ज्यादा शोर मिला जबकि इंदिरानगर और चारबाग की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही है।

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Pre monsoon report 2022: air of Indira nagar and charbagh is most polluted.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश की राजधानी की हवा में जहर बीते साल के मुकाबले बढ़ा है। इतना ही नहीं यहां शोर में भी इजाफा हुआ है। शनिवार को जारी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) की प्री-मानसून रिपोर्ट-2022 के अनुसार आवासीय इलाकों में इंदिरानगर और व्यावसायिक में चारबाग सबसे अधिक प्रदूषित है। संस्थान के निदेशक डॉ. एसके बारिक ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में रिपोर्ट रिलीज की।

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शहर की नौ जगहों पर लिए गए नमूनों की जांच के बाद बनी रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना काल खत्म होने के बाद लखनऊ शहर का प्रदूषण बढ़ गया है। इसकी बड़ी वजह वाहनों की संख्या में इजाफा, जनरेटर का इस्तेमाल, उद्योगों से हो रहा उत्सर्जन है। सर्वे के वक्त हवा में हैवी मेटल्स पाए गए। आवासीय क्षेत्रों में प्रदूषण के कारण बने सूक्ष्म कण पीएम 10 व पीएम 2.5 का औसत क्रमश: 131.2 और 72.2 माइक्रो ग्राम प्रति घनमी मिला है। व्यावसायिक इलाकों में यह क्रमश: 176.8 और 110.4 माइक्रो ग्राम प्रति घनमी मिला है। आवासीय इलाकों में सबसेे अधिक इंदिरानगर में पीएम 10 142.2 और पीएम 2.5 80.5 माइक्रो ग्राम प्रति घनमी मिला है। व्यावसायिक इलाकों में चारबाग में पीएम 10 203.9 और पीएम 2.5130.1 माइक्रो ग्राम प्रति घनमी मिला है। यह 24 घंटे का औसत है।
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पीएम 2.5 औसतन 43.9 फीसदी बढ़ा

रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2021 की तुलना में इस बार पीएम2.5 की मात्रा औसतन 43.9 फीसदी बढ़ी मिली है। वहीं, पीएम10 भी मानक से डेढ़ गुना से अधिक है। एसओ2 और एनओ2 भले ही मानक से कम हों, लेकिन, 2021 की तुलना में बढ़े हैं। प्रदूषण बढ़ने से सीधे तौर पर श्वसन प्रणाली प्रभावित हो रही है। पीएम2.5 अस्थमा का कारण भी बन रहा है। इससे फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ता है।

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कहां, कितना मिला हवा में प्रदूषण

लोकेशन        पीएम10    पीएम2.5     एसओ2

आवासीय
अलीगंज        132.6        73.7        11.5    
विकासनगर        118.2        65.0        9.6
इंदिरानगर        142.2        80.5        12.7
गोमतीनगर        131.6        69.5        10.5

व्यावसायिक
चारबाग            203.9        130.1        18.4
आलमबाग        176.6        96.1        14.1
अमीनाबाद        149.4        89.4        11.9
चौक            177.4        125.8        15.6

औद्योगिक    
अमौसी            189.6        104.7        22.2
(राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक, नैक्स के मुताबिक पीएम10 का मानक 100 और पीएम2.5 का मानक 60 माइक्रो ग्राम प्रति घनमी है। एसओ2 का मानक 80 माइक्रो ग्राम प्रति घनमी है। डब्ल्यूएचओ के मानक इसके लिए क्रमश: 50, 25 और 20 माइक्रो ग्राम प्रति घनमी हैं।)

इस टीम ने किया सर्वे
डॉ. जीसी किस्कू, एएच खान, डॉ. बी श्रीकांत, एन मणिक्कम, प्रदीप शुक्ला, सुशील सरोज, पुनीत खरे, प्रिया सक्सेना, अंकित कुमार, एसएसके महंता, हरिओम प्रसाद, अंकित गुप्ता, अब्दुल अतीक सिद्दीकी, अभिषेक कुमार वर्मा, रवि सिंह, मो. मुलम्मिस, विरेश कुमार, अभिषेक कुमार तिवारी, स्वप्निल राज सिंह।

चिप की कमी के बावजूद बढ़े 5 फीसदी वाहन
राजधानी में 2021-2022 में चिप की कमी के बाद भी वाहनों की संख्या में 5.4 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई। सबसे अधिक 34.7 प्रतिशत टैक्सी वाहन बढ़े हैं। इसके अलावा क ारें 10.3 और बड़े वाहन 13.4 फीसदी बढ़ गए। लखनऊ में वाहनों की संख्या अब 26.5 लाख हो गई है।

सीएनजी की खपत बढ़ी, डीजल में आई कमी
वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ सीएनजी और पेट्रोल की खपत भी बढ़ गई है। जहां पेट्रोल की खपत 4.43 फीसदी बढ़ी तो सीएनजी में बढ़ोतरी डेढ़ गुना से अधिक 157.98 फीसदी है। हालांकि, डीजल की खपत 11 फीसदी कम रही। सीएनजी वाहनों की संख्या भी 18.18 फीसदी बढ़ गई है।

रिपोर्ट में सिफारिश, जाम खत्म कराएं

- पब्लिक ट्रांसपोर्ट के वाहन चौराहों से दूर खड़े होकर सवारी लें व उतारें।
- सड़कों के किनारे ग्रीनबेल्ट विकसित हो, कच्ची जगह पर घास लगाई जाए।
- सड़क पर पानी का नियमित छिड़काव हो।
- बीएस-6, सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिले।
- सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने पर सख्ती से रोक लगे।
- नगर निगम सुनिश्चित करे कि कूड़ा न जलाया जाए।
- बड़े कारखाने, गोदाम शहर के बाहर रहें।
- पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए केंद्र बनाए जाएं।

शहर में खूब हो रहा शोर
लोकेशन        दिन        रात
आवासीय
अलीगंज        66.1        60.8    
विकासनगर        63.8        63.6
इंदिरानगर        73.2        62.5
गोमतीनगर        72.5        67.8

व्यावसायिक        
चारबाग            82.8        75.9
आलमबाग        86.6        67.5
अमीनाबाद        80.0        67.9
चौक            79.7        74.6

औद्योगिक    
अमौसी            81.3        72.9
(राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक, नैक्स के ध्वनि की अनुमन्य सीमा अधिकतम दिन के समय आवासीय में 55 और व्यावसायिक में 65, औद्योगिक में 75 डेसीबल है। रात में आवासीय 45, व्यावसायिक में 55 और औद्योगिक में 70 डेसीबल है। आवासीय इलाकों में पिछले साल की तुलना में यह दिन के समय 26.6 फीसदी बढ़ा हुआ है। रात के समय यह बढ़ोतरी 41.5 फीसदी है।)
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