फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Pre diabetic patients are in big numbers in Uttar Pradesh.

यूपी पर मधुमेह का खतरा: राष्ट्रीय औसत से तीन फीसदी ज्यादा हैं यहां प्री डायबिटिक मरीज, तत्काल उपचार जरूरी

Mon, 10 Jul 2023 11:03 AM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 10 Jul 2023 11:03 AM IST
सार

यूपी में प्री डायबिटिक मरीजों संख्या राष्ट्रीय स्तर से ज्यादा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्ययन में इसका खुलासा किया गया है। ये मरीज साल दो साल में मधुमेह रोगी में तब्दील हो सकते हैं।

विज्ञापन
Pre diabetic patients are in big numbers in Uttar Pradesh.
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तर प्रदेश पर मधुमेह का खतरा मंडरा रहा है। यहां अन्य राज्यों की अपेक्षा मधुमेह के प्रारंभिक रोगी (प्री डायबिटिक) मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। राष्ट्रीय स्तर पर ये मरीज 15.3 फीसदी हैं। जबकि यूपी में 18 फीसदी का आंकड़ा पार कर गया है। इसका खुलासा हुआ है भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन में। चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह है कि जिन लोगों का एचबीए1सी का स्तर 5.5 से अधिक है, उन्हें तत्काल उपचार शुरू कर देना चाहिए। मोटापा कम करके इस बीमारी के बढ़ते भार को कम किया जा सकता है।

विज्ञापन


आईसीएमआर की ओर से कराए गए अध्ययन में यूपी में मधुमेह का प्रसार 4.8 फीसदी पाया गया है जो अन्य राज्यों की अपेक्षा कम है, लेकिन मधुमेह के प्रारंभिक (प्री-डायबिटिक) मरीजों की संख्या आबादी का करीब 18 फीसदी है। जबकि राष्ट्रीय औसत 15.3 फीसदी है। ऐसे में ये मरीज साल से दो साल बाद मधुमेह रोगी में तब्दील हो सकते हैं। यानी राज्य पर मरीजों का भार तेजी से बढ़ेगा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - सावन का पहला सोमवार: देखें महाकाल की भस्म आरती, करें लखनऊ के प्रमुख शिव मंदिरों के दर्शन
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - सपा में शिवपाल यादव का बढ़ेगा और कद!, होमवर्क पूरा, राज्य कार्यकारिणी में सहयोगियों को मिलेगी जगह


क्या है प्री डायबिटिक
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कौसर उस्मान कहते हैं कि मधुमेह के प्रारंभिक मरीजों में कुछ समय बाद करीब एक तिहाई मधुमेह रोगी हो जाते हैं। मधुमेह के प्रारंभिक रोगी वे होते हैं, जिनके रक्त में शुगर लेवल सामान्य से ज्यादा है पर इतना ज्यादा नहीं है कि उन्हें मधुमेह की श्रेणी में रखा जाए। जिन लोगों का शुगर लेवल खाना खाने के पहले 100 से 126 और खाना खाने के बाद 140 से 200 (एमजी-डीएल) के स्तर पर रहता है और एचबीए1सी 5.5 से 6.5 फीसदी के बीच हैं, उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। खानपान का ध्यान रखकर मधुमेह रोगी होने की गति को रोका जा सकता है।

मोटापा कम करें, नियंत्रित रहेगा मधुमेह
इंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. अजय शुक्ला बताते हैं कि प्रारंभिक मधुमेह के स्तर पर ही मधुमेह की तरह सावधानी बरती जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। प्रारंभिक स्तर का पता लगते ही चिकित्सकीय सलाह से दवा शुरू कर दें। मोटापा हर हाल में कम करें। खुद को सक्रिय रखें। कम से कम 30 मिनट तेज गति से टहलें और योग करें। रोगी को खाने में शक्कर की मात्रा कम कर सब्जियों, फलों और साबूत अनाज बढ़ा देना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के संतुलित अनुपात का ध्यान रखें। चिकित्सक की सलाह पर रक्त शर्करा स्तर आदि की जांच करते रहे। अपनी मर्जी से दवा बंद न करें। तनाव न लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed