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प्राण प्रतिष्ठा समारोह: मंदिर परिसर पहुंची रामलला की अचल मूर्ति, गर्भगृह में श्रीरामयंत्र की हुई स्थापना

Wed, 17 Jan 2024 08:33 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 17 Jan 2024 08:33 PM IST
सार

राम मंदिर में जिस मूर्ति की स्थापना होनी है, भारी सुरक्षा के बीच वह मंदिर परिसर के अंदर पहुंच गई है।  ट्रक में रखकर उसे पीली बरसाती ढककर सुरक्षा दस्ते के साथ अंदर लाया गया।

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Pran Pratistha: The immovable idol of Ramlala reached the temple premises by truck amidst heavy security
गर्भगृह में पूजन की प्रक्रिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के दूसरे दिन रामलला की चांदी की मूर्ति को राममंदिर परिसर का भ्रमण कराया गया है। पहले रामलला की अचल मूर्ति को जन्मभूमि परिसर में भ्रमण कराने की योजना थी। सुरक्षा कारणों और मूर्ति का वजन अधिक होने की वजह से परिसर भ्रमण की रस्म रामलला की छोटी रजत प्रतिमा को लेकर पूरी कराई गई। इसी के साथ गर्भगृह में श्री रामयंत्र की स्थापना हुई। इस मौके पर मुख्य यचमान अनिल मिश्र मौजूद रहे। 

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10 किलो वजनी चांदी से बनी रामलला की प्रतिमा को मुख्य यजमान डॉ़ अनिल मिश्रा ने पालकी पर विराजमान कर मंदिर के अंदर व मंदिर के चारों तरफ भ्रमण कराया। मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोंच्चारों से गूंजता रहा। आचार्यों व मंदिर निर्माण में लगे इंजीनियरों व सुरक्षा कर्मियों ने प्रतिमा पर पुष्पवर्षा की। विहिप के संरक्षक मंडल के सदस्य दिनेश चंद्र व मुख्य यजमान डॉ़ अनिल मिश्र ने रामलला की रजत प्रतिमा का पूजन किया।निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास और पुजारी सुनील दास ने गर्भगृह में सिंहासन की पूजा की।
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रामलला की अचल मूर्ति बुधवार की देर शाम विवेक सृष्टि परिसर से भारी सुरक्षा में राम जन्मभूमि परिसर पहुंचाई गई। अचल मूर्ति को बंद ट्रक में विराजमान कर ले जाया गया। सुरक्षा में पीएसी के दो सौ जवान, एटीएस की टीम और पुलिस अधिकारी शामिल रहे। अचल मूर्ति को सोने के सिंहासन पर बृहस्पतिवार को विराजित किया जाएगा। गर्भगृह में सिंहासन बनकर तैयार है।

शुभ मुहूर्त में दोपहर 1:20 बजे हुआ कलश पूजन
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान के दूसरे दिन का शुभारंभ शुभ मुहूर्त में दोपहर 1:20 बजे सरयू तट पर कलश पूजन के साथ हुआ। मुख्य यजमान डॉ़ अनिल मिश्र ने संकल्प लेकर सपत्नीक कलश पूजन किया। इस दौरान कुल दस कलशों का पूजन हुआ। इसके बाद 21 मातृ शक्तियों ने जल कलश यात्रा निकाली। मुख्य कलश को राम जन्मभूमि परिसर में बने यज्ञमंडप में स्थापित किया गया है। उधर, रामलला के नवनिर्मित गर्भगृह में श्रीरामयंत्र की स्थापना के साथ ही प्राण प्रतिष्ठा के कर्मकांड का शुभारंभ कर दिया गया है। करीब 40 मिनट तक काशी के सात आचार्यों ने विधि विधान पूर्वक तीर्थ पूजन, कलश पूजन, वर्धिनी पूजन संपन्न कराया।




जब यह मूर्ति मंदिर कैंपस में लायी गयी उस समय भारी मात्रा में पुलिस दल मौजूद थे। पुलिस के अलावा सुरक्षा में लगी अन्य एजेंसियां के जवान भी आधुनिक हथियारों के साथ मौजूद रहे। 

Pran Pratistha: The immovable idol of Ramlala reached the temple premises by truck amidst heavy security
मंदिर पहुंची अचल मूर्ति - फोटो : अमर उजाला
रामलला की अचल मूर्ति बुधवार की देर शाम विवेक सृष्टि परिसर से भारी सुरक्षा में राम जन्मभूमि परिसर पहुंचाई गई। अचल मूर्ति को बंद ट्रक में विराजमान कर ले जाया गया। 

यह भी पढ़ें- प्राण प्रतिष्ठा: मंदिर में विराजने से पहले रामलला निकले भ्रमण पर, देखिए मनमोहक तस्वीरें
 
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