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Lucknow News: ब्लॉक में 42 दिन बाद पहुंचा प्रधान का बहाली आदेश
Thu, 14 Mar 2024 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 14 Mar 2024 01:14 AM IST
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रायबरेली। पंचायतीराज विभाग में लापरवाही का एक नमूना सामने आया है। विकास कार्यों में गड़बड़ी पर प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए थे। डीएम ने बीती 24 जनवरी को प्रधान के सभी अधिकारों की बहाली का आदेश जारी कर दिया, लेकिन ब्लॉक पहुंचने में आदेश को 42 दिन लग गए। ब्लॉक में अब प्रधान के अधिकारों को बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
हरचंदपुर ब्लॉक के अजमतउल्लागंज के प्रधान धर्मेश कुमार के खिलाफ शिकायत की जांच के बाद प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिए गए थे। डीएम हर्षिता माथुर ने बीती 24 जनवरी को प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को बहाल करते हुए चार अगस्त 2022 और 17 अगस्त 2022 के आदेशों को निरस्त कर दिया।
डीएम का यह आदेश हरचंदपुर ब्लॉक में बीते सात मार्च को क्रम संख्या 486 में रिसीव किया गया है। करीब 42 दिन बाद आदेश को ब्लॉक में रिसीव होना दिखाया गया है। प्रधान धर्मेश कुमार का आरोप है कि राजनीतिक द्वेष भावना और अधिकारियों की लापरवाही के कारण खातों के संचालन रोक नहीं हटी है। इससे गांव का विकास कार्य ठप है।
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डीपीआरओ नवीन सिंह का कहना है कि बहाली आदेश को समय से ब्लॉक को भेज दिया गया था।
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हरचंदपुर ब्लॉक के अजमतउल्लागंज के प्रधान धर्मेश कुमार के खिलाफ शिकायत की जांच के बाद प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिए गए थे। डीएम हर्षिता माथुर ने बीती 24 जनवरी को प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को बहाल करते हुए चार अगस्त 2022 और 17 अगस्त 2022 के आदेशों को निरस्त कर दिया।
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डीएम का यह आदेश हरचंदपुर ब्लॉक में बीते सात मार्च को क्रम संख्या 486 में रिसीव किया गया है। करीब 42 दिन बाद आदेश को ब्लॉक में रिसीव होना दिखाया गया है। प्रधान धर्मेश कुमार का आरोप है कि राजनीतिक द्वेष भावना और अधिकारियों की लापरवाही के कारण खातों के संचालन रोक नहीं हटी है। इससे गांव का विकास कार्य ठप है।
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डीपीआरओ नवीन सिंह का कहना है कि बहाली आदेश को समय से ब्लॉक को भेज दिया गया था।