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पीएफआई की योजनाओं का प्रचार कर रहा था बीकेटी के अचरामऊ का प्रधान अरशद
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बीकेटी के अचरामऊ का प्रधान अरशद प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का सक्रिय सदस्य है। वह सरकार की योजनाओं की आड़ में पीएफआई का प्रचार गांव के आसपास के इलाकों में कर रहा था।
पीएफआई के एरिया कमांडर व र्पीई ट्रेनर मो. फिरोज और पीएफआई सदस्य व पीई ट्रेनर मो. अंशद की जमानत में प्रधान का भाई फैजान व करीबी रेहान शामिल था।
जमानत के लिए अरशद ने कई बड़े वकीलों से संपर्क किया था। इसकी पुष्टि रेहान व सुफियान ने सुरक्षा एजेंसियाें के सामने पूछताछ में की।
बीकेटी का अचरामऊ गांव पीएफआई का गढ़ बन गया है। यहां विशेष संप्रदाय के लोगों की संख्या अधिक है, जबकि शहर मुख्यालय से काफी दूर होने के चलते यह सुरक्षित ठिकाना भी है।
प्रधान अरशद गांव में कट्टरता की पाठशाला चलाता है। सूत्रों के अनुसार, प्रधान को भी हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।
लोगों को संगठन से जोड़ने के लिए प्रधान सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ संगठन की तरफ से रुपये व विदेश में नौकरी का लालच देता था।
सऊदी में काम कर चुके रेहान अपने भाई मजीद के साथ लकड़ी का सामान बनाने का काम करता है। अन्य ग्रामीणों के साथ वह भी पीएफआई से जुड़ा है।
प्रधान ही कराता था बैठक
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, प्रधान अरशद ही पीएफआई की हर बैठक करता था। इस संबंध में सदस्यों को संदेश भेजने के लिए रेहान, फैजान व सुफियान की मदद लेता था। इनके जरिये सदस्यों को विस्फोटक बनाने, हिंदुओं के खिलाफ भड़काने का काम करता था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक रेहान, फैजान व सुफियान के पास से मिले मोबाइल में कई ऐसे नंबर हैं जो पीएफआई से जुड़े हैं।
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पीएफआई के एरिया कमांडर व र्पीई ट्रेनर मो. फिरोज और पीएफआई सदस्य व पीई ट्रेनर मो. अंशद की जमानत में प्रधान का भाई फैजान व करीबी रेहान शामिल था।
जमानत के लिए अरशद ने कई बड़े वकीलों से संपर्क किया था। इसकी पुष्टि रेहान व सुफियान ने सुरक्षा एजेंसियाें के सामने पूछताछ में की।
बीकेटी का अचरामऊ गांव पीएफआई का गढ़ बन गया है। यहां विशेष संप्रदाय के लोगों की संख्या अधिक है, जबकि शहर मुख्यालय से काफी दूर होने के चलते यह सुरक्षित ठिकाना भी है।
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प्रधान अरशद गांव में कट्टरता की पाठशाला चलाता है। सूत्रों के अनुसार, प्रधान को भी हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।
लोगों को संगठन से जोड़ने के लिए प्रधान सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ संगठन की तरफ से रुपये व विदेश में नौकरी का लालच देता था।
सऊदी में काम कर चुके रेहान अपने भाई मजीद के साथ लकड़ी का सामान बनाने का काम करता है। अन्य ग्रामीणों के साथ वह भी पीएफआई से जुड़ा है।
प्रधान ही कराता था बैठक
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, प्रधान अरशद ही पीएफआई की हर बैठक करता था। इस संबंध में सदस्यों को संदेश भेजने के लिए रेहान, फैजान व सुफियान की मदद लेता था। इनके जरिये सदस्यों को विस्फोटक बनाने, हिंदुओं के खिलाफ भड़काने का काम करता था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक रेहान, फैजान व सुफियान के पास से मिले मोबाइल में कई ऐसे नंबर हैं जो पीएफआई से जुड़े हैं।
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