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लखनऊ की पहली ईको फ्रेंडली टाउनशिप बनेगी प्रबंधनगर, सलाहकार कंपनी के चयन के लिए एलडीए ने रखीं ये शर्तें

Mon, 07 Dec 2020 04:28 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अतुल भारद्वाज, अमर उजाला, लखनऊ
अतुल भारद्वाज, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 07 Dec 2020 04:28 PM IST
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prabhand nagar will become lucknow's first eco friendly township
विकास पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर किया जाएगा - फोटो : अमर उजाला
प्रबंधनगर  लखनऊ की पहली ईको फ्रेंडली टाउनशिप होगी। इसे बनाने के लिए सलाहकार कंपनी के चयन को एलडीए ने ईको फ्रेंडली और ऊर्जा दक्ष होने की प्रमुख शर्त रखी है। इसके लिए सलाहकार को डीपीआर में जरूरी प्रस्ताव भी शामिल करने होंगे। प्राधिकरण ने सलाहकार के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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2075 एकड़ की प्रबंधनगर योजना के विकास पर बढ़ रहा एलडीए माह के अंत तक सलाहकार फाइनल कर देगा। इसके लिए शुरू हुई प्रक्रिया में जहां एलडीए 10 दिसंबर को तकनीकी बिड खोलेगा, वहीं पूरी योजना पर प्रजेंटेशन भी 14 दिसंबर को सलाहकार फर्म को देना होगा।
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इसमें देश की कई प्रमुख आर्किटेक्ट कंपनियां प्राधिकरण के संपर्क में हैं। प्रजेंटेशन के आकलन के बाद ही एलडीए वित्तीय बिड खोलकर सलाहकार का चयन करेगा। इसके मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि ईको फ्रेंडली टाउनशिप में न्यूनतम ऊर्जा उपयोग से लेकर पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए विकास कराया जाएगा। ऊर्जा दक्षता बिल्डिंग कोड, ईसीबीसी के अलावा सभी पर्यावरण कानूनों का अनुपालन भी होगा। शून्य कचरा नीति का भी पालन कराया जाएगा।
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छह महीने में तैयार हो जाएगी डीपीआर

महीने के अंत तक चुने जाने वाली सलाहकार फर्म को योजना बनाने और डीपीआर तैयार कर देने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। यह डीपीआर 30 जून 2021 तक बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद एलडीए शासन और एनजीटी से भी योजना के विकास पर अनुमति लेगा।

टाउनशिप में विकास कार्य और अवस्थापना सुविधाओं के लिए जगह तय करने के लिए टॉपोलॉजिकल सर्वे भी प्राधिकरण सलाहकार के चयन के साथ शुरू कर रहा है। इसके लिए भी अलग से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

ईसीबीसी को समझें
ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण हितैषी निर्माण कार्यों जैसे ग्रुप हाउसिंग के लिए केंद्र सरकार ने एनर्जी कंजरवेशन बिल्डिंग कोड (ईसीबीसी) नियम बनाए हैं। वर्ष 2007 में बने इस कोड में बदलाव किए गए हैं। इसमें ऊर्जा के न्यूनतम उपयोग से लेकर परंपरागत निर्माण के तरीके बदलने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। एलडीए ने बहुमंजिला इमारतों में प्रधानमंत्री आवास से इसकी शुरूआत की। टाउनशिप में इसे लागू कर कार्य कराने पर एलडीए काम कर रहा है।

इस तरह ईको फ्रेंडली बनेगी टाउनशिप

- ऊर्जा का प्रति वर्गमीटर उपयोग, पावर इंडेक्स को न्यूनतम रखा जाएगा। - पानी के उपयोग के बराबर भूगर्भ जल रिचार्ज क्षमता होगी। - शून्य कचरा नीति में सीवरेज और सॉलिड वेस्ट का पूरी तरह निस्तारण। - शोधित किए गए पानी का दोबारा से उपयोग होगा।

प्रबंधनगर योजना का विकास पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर होगा। यह मॉडल टाउनशिप की तरह विकसित होगी, जिससे भविष्य की योजनाओं में इसके अनुभव उपयोग किए जा सकें। इस टाउनशिप से कार्बन उत्सर्जन भी शून्य रखने का प्रयास होगा। - इंदुशेखर सिंह, मुख्य अभियंता, लखनऊ विकास प्राधिकरण
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