तैयार हो जाइए महंगाई के तगड़े झटके के लिए
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प्रदेश के सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को अगले महीने से बिजली की ज्यादा कीमत चुकानी होगी। उपभोक्ताओं को अब बढ़ी दरों के साथ 5.22 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज का भुगतान करना होगा। इस समय 2.84 फीसदी सरचार्ज वसूला जा रहा है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से 1 अक्तूबर को वर्ष 2014-15 के लिए जारी टैरिफ ऑर्डर को लेकर शनिवार को पावर कॉर्पोरेशन के आला अधिकारियों ने लंबा मंथन किया।
सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद नई दरों का रविवार को सार्वजनिक प्रकाशन करा देने का फैसला किया गया। इसके साथ ही इसके एक हफ्ते बाद 12 अक्तूबर से नई दरों के प्रभावी होने का रास्ता साफ हो गया है।
गौरतलब है कि घरेलू बिजली की दरों में औसतन 12 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। शहरी क्षेत्रों में प्रतिमाह 500 यूनिट से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करने वालों को अब पांच रुपये के बजाय 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल भरना पड़ेगा जबकि 150 यूनिट तक चार रुपये, 151 से 300 यूनिट तक 4.50 रुपये तथा 301 से 500 यूनिट तक पांच रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है। फिक्स चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पावर कॉर्पोरेशन को मिलेंगे 2865 करोड़ रुपये
ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मीटर के बिजली का इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को अब 180 रुपये प्रति कनेक्शन के स्थान पर 180 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से बिल भरना पड़ेगा।
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लाइफ लाइन उपभोक्ताओं को 50 यूनिट तक बिजली की खपत पर 20 पैसे प्रति यूनिट कम देना होगा लेकिन 51-150 यूनिट तक के उपभोग पर 25 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से ज्यादा बिल भरना होगा।
कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की दरों में 6.28 तथा उद्योगों की दरों में 7.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। रेग्युलेटरी सरचार्ज को जोड़कर घरेलू बिजली दरों में 14.32 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि कुल मिलाकर दरों में औसतन 11.32 फीसदी का इजाफा हुआ है।
नई दरों से पावर कॉर्पोरेशन को लगभग 2685 करोड़ रुपये अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है।