मोदी के बाद अब अखिलेश ने दी 'कड़वी दवा'
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विधान परिषद में सोमवार को सरकार ने बताया कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी की जाएगी। इसे रोक पाना सरकार के हाथ में नहीं है।
भाजपा के हृदय नारायण दीक्षित के सवाल पर ऊर्जा राज्यमंत्री यासर शाह ने बताया कि बिजली दरें तय करना नियामक आयोग के हाथ में है।
नेता सदन ने कहा कि भाजपा के लोग प्रदेश को केंद्र से सस्ती बिजली दिला दें, वह लोगों को सस्ती बिजली दे देंगे। दीक्षित ने कहा कि जब सरकार बिजली दरें घटा-बढ़ा नहीं सकती तो वह कैसे मदद दिलाएं।
भाजपा मदद को तैयार
हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि सरकार आश्वस्त कर दे कि वह पॉवर कॉर्पोरेशन को घाटा पहुंचाने वाली वजहों को दूर कर देगी।
भाजपा के सदस्य केंद्र सरकार से उत्तर प्रदेश को सस्ती बिजली का आग्रह करने को तैयार हैं। नेता सदन ने कहा कि आयोग के फैसले में सरकार हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
भाजपा सदस्यों ने कहा कि आयोग कोई संवैधानिक संस्था नहीं है जो सरकार मजबूरी जता रही है। भाजपा ने सरकार पर जनता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।
दिया गिरफ्तारी का आश्वासन
बसपा के हरगोविंद सिंह ने बाढ़ कार्य खंड प्रथम बस्ती के तत्कालीन अधिशासी अभियंताओं की गंभीर अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई न होने के बारे में सवाल पूछा।
विशेष सचिव स्तर से जांच के एक साल बाद दोषियों पर एफआईआर तो दर्ज हो गई। पर, गिरफ्तारी अभी तक नहीं कराई गई।
नेता सदन ने आश्वस्त किया कि सरकार कार्रवाई भी करेगी और गिरफ्तार भी कराएगी। कांग्रेस के दिनेश प्रताप सिंह ने विराम खंड, गोमती नगर, लखनऊ के ऊपर से एलटी/एचटी लाइन हटाए जाने के संबंध में प्रश्न किया।
सभापति ने सरकार को इस मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार कर हटाने को कहा।
आठ वर्ष में नहीं पूरी हो पाई जांच
सपा के देवेंद्र प्रताप सिंह ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण में की गयी अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों को हटाए बगैर जांच कराने पर सवाल पूछा।
कहा कि इससे जांच प्रभावित होने का खतरा है। सिंह ने सरकार से पूछा कि इस जांच के लिए सरकार क्या कोई समय सीमा तय करेगी, क्योंकि सतर्कता विभाग को जांच के आदेश दिए आठ साल हो गए हैं।
सभापति गणेश शंकर पांडेय ने सरकार से पूछा कि देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रश्न के संबंध में संबंधित लोगों को रिमांडर भेजने में सरकार को क्या दिक्कत है।