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आयोग पहुंचा बिजली दरों में बढ़ोतरी का मुद्दा

Wed, 08 Oct 2014 01:16 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 08 Oct 2014 01:16 AM IST
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power price issue now in commission.

बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मंगलवार को नियामक आयोग में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। परिषद ने याचिका के साथ कई साक्ष्य भी आयोग को सौंपे हैं।

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उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग के सदस्य आईबी पांडेय व सचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव को सौंपे प्रत्यावेदन में कहा है कि वर्ष 2012-13 में भी ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं के प्रति कनेक्शन को प्रति किलोवाट करने का मामला आया था। उस समय आयोग ने पावर कार्पोरेशन की बात नहीं मानी थी।
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उपभोक्ता परिषद ने उच्च न्यायालय, इलाहाबाद पीठ के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि जब पूरे प्रदेश में बिजली की आपूर्ति समान नहीं है तो शहरी घरेलू के फिक्स चार्ज को क्यों नहीं समाप्त किया गया। इसी तरह रेगुलेटरी सरचार्ज 2.38 प्रतिशत को 20 सालों तक लागू करने की व्यवस्था असंवैधानिक है।
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बजाज व रिलायंस के मामले में केवल 543 करोड़ अस्वीकार किए जाने को कम बताते हुए कहा कि यदि सही तरीके से परीक्षण किया गया होता तो बजाज व रिलायंस से बिजली खरीद प्रस्ताव में 1000 करोड़ की कमी हो सकती थी।

रखा गया था लाइन लॉस कम करने का लक्ष्य

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उपभोक्ता परिषद ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका पर बनी हाई पावर कमेटी की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया। बताया कि इस कमेटी ने दो वर्ष में लाइन लॉस 14 से 12 प्रतिशत करने की बात कही थी।

प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी वर्ष 2000 में शपथ पत्र देकर लाइन लॉस कम करने की बात कही थी। ऐसे में लाइन लॉस कम न कर पाने का नुकसान उपभोक्ताओं पर कैसे डाला जा सकता है?

प्रदेश में बिजली संकट और गहराया

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प्रदेश में बिजली संकट और गहरा गया है। कोयले की कमी के कारण एनटीपीसी की सिंगरौली व दादरी की 500-500 मेगावाट की दो इकाइयां मंगलवार आधी रात से बंद कर दी गई हैं। ऐसे में बुधवार से बिजली कटौती बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

इस समय प्रदेश में लगभग 12500 मेगावाट बिजली की डिमांड है, जबकि सभी क्षेत्रों से मिलाकर कुल 10 हजार मेगावाट बिजली ही उपलब्ध हो पा रही है। ऐसे में उद्योगों की भी दो घंटे की कटौती की जा रही है। पावर कॉर्पोरेशन ने पहले छह अक्तूबर तक ही उद्योगों की बिजली कटौती करने की बात कही थी, लेकिन मंगलवार को भी यह कटौती जारी रही।

अब बुधवार को पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी स्थिति की समीक्षा के बाद ही कटौती के बारे में कोई निर्णय लेंगे। नॉर्दर्न रीजन लोड डिस्पैच सिस्टम (एनआरएलडीसी) ने उत्तर प्रदेश को दादरी व सिंगरौली प्रोजेक्ट बंद होने की जानकारी दी।

प्रदेश को सिंगरौली पावर प्रोजेक्ट से 42.4 फीसदी व दादरी से 15 फीसदी बिजली मिलती है। इन दोनों इकाइयों से प्रदेश को केंद्रीय सेक्टर की करीब 300 मेगावाट बिजली कम मिलेगी।

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