सीएम के कार्यक्रम के बीच जोरदार धमाके के साथ लोकभवन की बत्ती गुल
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सीएम कार्यालय लोक भवन में समारोह के दौरान एक बार फिर बत्ती गुल हो गई। बत्ती गुल होने का अलर्ट लेसा के सिस्टम पर पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय लोक भवन में रविवार दोबारा उस वक्त बत्ती गुल हुई जब सीएम अखिलेश यादव समारोह में मौजूद थे।
लोक भवन की बत्ती गुल होने का अलर्ट लेसा के सिस्टम पर पहुंचा तो हड़कंप मच गया। हालांकि यह बत्ती लेसा के बजाय राजकीय निर्माण निगम के सिस्टम के धोखा देने से गुल हुई।
बत्ती गुल होने पर बखेड़ा होता उससे पहले लोक भवन रोशन हो गया। राजकीय निर्माण निगम अफसरों की उदासीनता के चलते लोक भवन की बत्ती गुल हुई। समारोह के दौरान अपराह्न 3:24 बजे अचानक जोरदार धमाका होने के बाद राजकीय निर्माण निगम के सिस्टम का पैनल ट्रिप हो गया।
लोक भवन की बत्ती गुल होने ही लेसा अफसरों तक सूचना पहुंची तो हड़कंप मच गया। लेसा टीम ने फौरन जांच की तो पता चला उसके बिजली के दोनों स्रोत 132 केवी मारटिनपुरवा एवं महताब बाग में कोई व्यवधान नहीं आया था। बल्कि निर्माण निगम के उपकेंद्र के 440 वोल्ट के पैनल बंद हो गए थे।
ऑपरेटर ने चालू की बिजली
लोक भवन की बिजली बंद हुई तो ऑपरेटर ने जनरेटर से बिजली को चालू किया। यानी यहां का कीमती जनरेटर सेल्फ स्टार्ट नहीं होता, बल्कि ऑपरेटर को बटन ऑन करना पड़ता है।
जबकि राजभवन और एनेक्सी सचिवालय के जनरेटर बत्ती गुल होते ही स्वत: चालू हो जाते है, जिससे लोगों को बिजली बंद होने का एहसास ही नहीं होता है। लेसा के इलाकाई इंजीनियर बताते कि लोक भवन का बिजली सिस्टम यूपीएस पर है।
इसको अपलोड होने में 10 मिनट का वक्त लगता है। इन इंजीनियरों ने कई बार सेल्फ स्टार्ट होने वाले जनरेटर को स्थापित करने का सुझाव दिया पर उस पर अमल नहीं हो रहा जिससे लोक भवन पर बिजली संकट का खतरा मंडराता रहेगा।
इसी साल अक्टूबर में लोक भवन की बत्ती गुल होने पर मुख्य अभियंता से लेकर उपखंड अधिकारी तक पर कार्रवाई हो चुकी। जिसमें मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार को चेतावनी, अधीक्षण अभियंता जीडी द्विवेदी का तबादला, एक्सईएन पीके सिंह को चेतावनी एवं उपखंड अधिकारी शैलेंद्र सिंह को हटाया जा चुका है।