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Lucknow News: बिजली संकट बरकरार, 15 दिन में फुंक गए 383 ट्रांसफार्मर

Sat, 17 Jun 2023 10:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sat, 17 Jun 2023 10:41 PM IST
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Power crisis continues, 383 transformers blown up in 15 days
रायबरेली। तीखी गर्मी के बीच बिजली संकट से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। हालात यह हैं कि 15 दिन के अंदर 383 ट्रांसफार्मर फुंक गए। इससे लोगों को बिजली से संकट से जूझना पड़ा। अभी भी 100 गांवों के ट्रांसफार्मर बदलने नहीं गए हैं। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिलेभर में अभी ट्रिपिंग और अघोषित कटौती जारी है। अभी भी जिले में करीब 600 से ज्यादा ट्रांसफार्मर हैं, जो ओवरलोड के चलते हाफ रहे हैं।
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पिछले कई दिनों से पारा 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। सुबह होते ही तीखी धूप निकल आती है। इस वजह से लोग घरों में दुबके रहते हैं। बिजली गुल होने से लोगों को घरों पर भी राहत नहीं मिल रही है। बिजली की बढ़ती मांग की वजह से जर्जर संसाधन भी जवाब देने लगे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत ट्रांसफार्मरों में आ रही हैं। कहीं फुंक रहे तो कहीं उनकी केबल जल रही है। शहर में जहां हर घर ट्रिपिंग हो रही है, वहीं गांवों में अघोषित कटौती और लाइनों की फॉल्ट की वजह से परेशानी उठानी पड़ रही है।
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जिले में खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने की समय सीमा निर्धारित की गई है, लेकिन इस अवधि में ट्रांसफार्मर नहीं बदल हैं। इससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। शहर और नगर पंचायतों में खराब होने वाले ट्रांसफार्मर को 24 घंटे, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश दिए हैं। शहर में तो समय पर ट्रांसफार्मर बदल जाते हैं, जबकि गांवों में दो से तीन दिन बाद ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं।
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रायबरेली। बिजली की मांग बढ़ने से तारों के टपकने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को दिन में खीरों और जगतपुर विद्युत उपकेंद्र को जाने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से दोनों उपकेंद्रों से जुड़ी करीब दो लाख से ज्यादा आबादी को बिजली संकट से जूझना पड़ा। खीरों विद्युत उपकेंद्र को 33 केवी लाइन उन्नाव जिले के मौरावां से आती है। इस लाइन में पेड़ गिरने से 10 पोल टूट गए। इसके लिए त्रिपुला से खीरों जाने वाली पुरानी लाइन को चालू करके रात करीब 12 बिजली बहाल कराई गई। इसी अमावां ट्रांसमिशन से जगतपुर उपकेंद्र को जाने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आया। रात करीब 12 बजे फॉल्ट होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई।

किसी भी 33 केवी लाइन में फाल्ट आने पर उसे ठीक कराने की जिम्मेदारी उपखंड अधिकारी की होती है, लेकिन यह अधिकारी अवर अभियंताओं के ऊपर जिम्मेदारी सौंपकर गायब हो जाते हैं। यही हाल शुक्रवार को खीरों में हुआ। लाइन में फॉल्ट आने के बाद जहां एक लाख आबादी बिजली संकट से जूझ रही थी, वहीं एसडीओ कैलाश यादव लखनऊ चले गए। इसकी जानकारी होने पर अधीक्षण अभियंता रामकुमार ने उन्हेंं जमकर फटकार लगाई।
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