रमजान में राहत: रात में नहीं होगी बिजली की कटौती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रमजान के महीने में रात के वक्त जिला व मंडल मुख्यालयों पर बिजली कटौती नहीं होगी। इसके अलावा मुस्लिम बहुल छोटे नगरों व कस्बों में भी ज्यादा बिजली आपूर्ति की तैयारी है। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी सोमवार को पूरे दिन माथापच्ची करने के साथ अतिरिक्त बिजली के इंतजाम की जुगत में लगे रहे।
आने वाले दिनों में संभावित मांग और उपलब्धता का आकलन कराया जा रहा है, जिसके आधार पर मंगलवार को आपूर्ति का नया शिड्यूल जारी होगा। इस बीच, पारा फिर से चढ़ने के कारण बिजली की मांग में इजाफा हो रहा है और पावर कॉर्पोरेशन पर आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ गया है।
फिलहाल तो एनर्जी एक्सचेंज समेत अन्य स्रोतों से अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करके आपूर्ति पटरी पर रखी जा रही है, लेकिन रमजान के चलते बिजली की किल्लत हो सकती है। मौजूदा समय में रात के वक्त जिला मुख्यालयों पर दो घंटे तथा मंडल मुख्यालयों पर एक घंटे की कटौती की जा रही है।
इसके अलावा तहसील मुख्यालयों को 16 घंटे आपूर्ति हो रही है। कॉर्पोरेशन की कोशिश है कि रमजान के मद्देनजर जिला व मंडल मुख्यालयों पर रात में कटौती न की जाए। इसके लिए आपूर्ति शिड्यूल में बदलाव की कवायद शुरू की गई है।
साथ ही बहुत से छोटे नगर व कस्बे ऐसे हैं जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है। ऐसे नगरों और कस्बों को भी सुबह और शाम के वक्त कटौतीमुक्त आपूर्ति की रणनीति तैयार की जा रही है। नियंत्रण कक्ष के अभियंता बिजली की उपलब्धता और मौजूदा शिड्यूल का आकलन करके नया शिड्यूल तैयार कर रहे हैं। मंगलवार को शिड्यूल जारी होने की संभावना है।
आज से प्रभावी होगा शेड्यूल
इस बीच, गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। दिन में मांग 14,000 मेगावाट के आसपास है जबकि रात में 16000 मेगावाट के आसपास पहुंच रही है। अभियंताओं का कहना है कि गाहे-बगाहे रात में मांग और उपलब्धता में अंतर 1500 मेगावाट से ऊपर पहुंच रहा है।
ऐसे में ग्रिड से ओवरड्राल (तय कोटे से ज्यादा बिजली का आयात) के साथ एनर्जी एक्सचेंज और दूसरे राज्यों द्वारा सरेंडर की जाने वाली बिजली खरीदकर शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति की कोशिश हो रही है। फिलहाल तो तीन-चार मिलियन यूनिट बिजली की ही कमी है जिससे थोड़ी-बहुत कटौती करनी पड़ती है लेकिन मांग और ज्यादा बढ़ी तो संकट बढ़ सकता है। रमजान में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ज्यादा आपूर्ति के लिए गांवों में रात के शिड्यूल में थोड़ा-बहुत बदलाव किया जा सकता है।
‘रमजान पर जिला व मंडल मुख्यालयों पर रात में बिजली कटौती न करने की योजना बनी है। नया शिड्यूल तैयार हो रहा है जो मंगलवार से प्रभावी होगा। बिजली की मांग बढ़ रही है। मांग और उपलब्धता में थोड़ा अंतर है लेकिन अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करके शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति करने का प्रयास हो रहा है।’
- ए.पी. मिश्र, प्रबंध निदेशक, पावर कॉर्पोरेशन