यूपी में सरकारी विभागों पर सर्वाधिक बिजली बिल बकाया, 13,361 करोड़ चुकाने की जिम्मेदारी
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उप्र पावर कॉर्पोरेशन प्रदेश में 10 हजार रुपये से अधिक के बकायेदार आम लोगों के बिजली काट रहा है, लेकिन करोड़ों रुपये के बकायेदार सरकारी विभागों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2018-19 के सितंबर तक प्रदेश के सरकारी विभागों पर बिजली बिल का 13,361 करोड़ रुपये बकाया है। यह देश के किसी भी राज्य की तुलना में सर्वाधिक बकाया है।
उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बृहस्पतिवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के सामने संबंधित आंकड़े पेश कर एक जनहित प्रस्ताव सौंपा। इसमें सरकारी विभागों से बकाया बिजली बिल वसूली करने की मांग की गई। जिससे बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार हो सके। वहीं, उन्होंने सरकारी विभागों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के कदम को उचित ठहराया।
वर्मा ने मंत्री से सरकारी विभागों से बकाया राजस्व की वसूली कर उसे बजट प्रावधानों के जरिये बिजली विभाग को उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर ऊर्जा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि बकाया वसूली के लिए जरूरी पहल की जा रही है। जल्द ही सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे।
वर्ष 2018-19 में सितंबर तक राज्यवार सरकारी विभागों पर बकाया
राज्य--बिजली बिल (करोड़ रुपये में)
उत्तर प्रदेश--13,361
तेलंगाना--6,737
आंध्र प्रदेश--4,913
महाराष्ट्र--3,332
छत्तीसगढ़--2,011
केरल--1,835
तमिलनाडु--1,620
पंजाब--1,313
बिहार--1,120
हरियाणा--969