131 दिन काम कर सकी 555 दिन में बनी कांग्रेसी टीम
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पांच महीने बाद भी प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी गठित नहीं हो सकी है। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी इस साल जून में भंग कर दी गई थी। इसके बाद से अभी तक कार्यकारिणी गठित नहीं हो सकी है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री अकेले ही प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाले हुए हैं।
दरअसल, डॉ. निर्मल खत्री ने तकरीबन ढाई साल पहले प्रदेश कांग्रेस की बागडोर संभाली थी। लेकिन वे शुरुआत में डेढ़ साल तक तो अपनी सेना नहीं बना पाए थे। इस साल जनवरी के अंत में कार्यकारिणी गठित हुई भी तो वह बहुत कम दिन ही चल सकी।
खत्री की सेना के गठन में पूरे 555 दिन लगे थे लेकिन कार्यकाल महज 131 दिन ही रहा। लोकसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद ही आला कमान ने प्रदेश कार्यकारिणी के साथ ही जिला व शहर इकाइयां भी भंग कर दी थीं।
शुरुआत में डॉ. निर्मल खत्री को भी यह लग रहा था कि देर-सवेर वे हटाए जाएंगे। इस कारण कुछ महीनों तक तो वे अपने गृह जिला फैजाबाद से बाहर ही नहीं निकले। अब प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री को अभयदान मिल गया है।
आंदोलन के नाम पर हो रही औपचारिकता
वहीं, ज्यादातर शहर व जिला इकाइयां भी गठित हो गई हैं। इन सबके बावजूद अभी तक प्रदेश अध्यक्ष अपनी नई कार्यकारिणी गठित नहीं करवा सके हैं।
जमीनी स्तर पर संगठन न होने का असर कांग्रेस के आंदोलनों व कार्यक्रमों पर भी दिख रहा है। यही कारण है प्रदेश स्तर के आंदोलनों को भी कांग्रेस अब जिलों में छुटपुट स्तर पर निपटाकर महज औपचारिकता ही पूरी कर रही है।
इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.निर्मल खत्री का कहना है कि अभी तक हमने ही आला कमान को नई कार्यकारिणी की सूची नहीं सौंपी है। अगले महीने सूची सौंप दी जाएगी। उसके बाद आला कमान नई कार्यकारिणी पर मुहर लगाएंगे।