फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   poorva of lucknow will trek to everest base camp

माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का सपना लेकर निकली लखनऊ की बेटी पूर्वा

Sat, 16 Dec 2017 06:47 PM IST
सोनम तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
सोनम तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 16 Dec 2017 06:47 PM IST
विज्ञापन
poorva of lucknow will trek to everest base camp
पूर्वा को फ्लैग ऑफ करतीं एवरेस्ट फतह करने वाली अरुणिमा सिन्हा। - फोटो : amar ujala

माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का सपना संजोकर लखनऊ की पूर्वा धवन एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेकिंग करने जा रही हैं। उनके इस साहसिक कार्य के लिए माउंट एवरेस्ट फतह कर चुकीं अरुणिमा सिन्हा ने फ्लैग ऑफ कर शुभकामनाएं दी हैं।

विज्ञापन


अरुणिमा सिन्हा को अपना प्रेरणस्रोत मानने वाली 20 वर्षीय पूर्वा, 20 दिसंबर को लखनऊ से काठमांडू के लिए रवाना होंगी। वहां से 23 दिसंबर को हेलीकॉप्टर से लुकला जाएंगी, जहां से 24 दिसंबर को एवरेस्ट के बेस कैंप के लिए ट्रेकिंग शुरू होगी। उनकी टीम का निर्देशन  नेपाल की थेलोपिया टीम करेगी। अमर उजाला से विशेष बातचीत में पूर्वा ने बताया कि ठंड में माउंट एवरेस्ट का तापमान -25 डिग्री से भी नीचे चला जाता है।
विज्ञापन


उत्तरकाशी स्थित नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग से बेसिक और एडवांस माउंटेनियरिंग की शिक्षा ले चुकीं पूर्वा ने 16000 फीट ऊंची डोरियानी बामक ग्लेशियर को फतह किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

तीन बार सर्जरी के बाद सीधी हुई गर्दन

poorva of lucknow will trek to everest base camp

इंदिरा नगर निवासी पूर्वा ने सपना तो देखा लेकिन उसे पूरा करने के रास्ते में अड़ंगे भी बहुत आए। जन्म से ही उनकी गर्दन बाईं ओर कंधे की तरफ झुकी और सटी थी। 18 साल की उम्र तक उन्हें तीन बार सर्जरी करवानी पड़ी, जिसके बाद गर्दन सीधी हुई। इस वजह से कई बार वह मायूस तो हुईं लेकिन हिम्मत नहीं हारी। 2015 में सर्जरी पूरी तरह सफल होने के बाद वह अरुणिमा सिन्हा से मिलीं और फिर एवरेस्ट फतह करने का सफर शुरू हो गया। एवरेस्ट फतह की ओर यह उनका पहला कदम होगा।
 

मेरी और अरुमिणा मैम दोनों की फैमिली का मिला सपोर्ट

पूर्वा कहती हैं कि उनके पिता अभय कुमार धवन बिजनेसमैन हैं। कई साल पहले वह अपने तीन दोस्तों के साथ खरदुंगला पास तक गए थे। उनकी इसी कामयाबी के बाद से पूर्वा ने माउंट एवरेस्ट फतह करने की ठान ली। वह कहती हैं कि उनके सपने को साकार करने में परिवार वालों ने हमेशा उनका साथा दिया और हौसला बढ़ाया। 

जब वह अरुणिमा और उनके परिवार से मिलीं तो वहां से भी भरपूर सहयोग मिला। पूर्वा ने बताया कि अरुणिमा मैम ने ही मुझे पर्वत पर चढ़ने के दौरान आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों की  बारिकियां बताई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed